सहारनपुर। अनुसूचित जाति, पट्टा धारक, लघु एवं सीमांत श्रेणी के किसानों के लिए अच्छी खबर है कि अब मनरेगा योजना के तहत लेमन ग्रास, पान, गुलाब, पॉमाराजा आदि की खेती कर सकेंगे। इसमें न सिर्फ उनकी मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। बल्कि पौध, बर्मी कम्पोस्ट से लेकर कृषि रसायन भी दिए जाएंगे। इस योजना को उद्यान विभाग के माध्यम से चलाया जाएगा। इसके लाभार्थी के पास जॉब कार्ड होना अनिवार्य होगा।
निजी खेत पर काम करने वालों को भी अब मनरेगा योजना के दायरे में रखा गया है। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत लेमनग्रास, पॉमाराजा, गुलाब आदि की खेती करने वालों को लाभ दिया जाएगा। इसके लिए किसान का अनुसूचित जाति, पट्टा धारक या लघु एवं सीमांत किसान होना जरूरी है। साथ ही लाभार्थी के पास जॉब कार्ड भी होना चाहिए। इसमें किसानों को अपनी भूमि पर इन फसलों के रोपण में आने वाली लागत मिलेगी। साथ ही जो मजदूरी वे स्वयं या अन्य मजदूरों से कराएंगे उसका भुगतान भी मनरेगा के तहत कराया जाएगा। उद्यान विभाग इस योजना के लिए लाभार्थियों का चयन करके संबंधित विभाग को भेजेगा। वहां से पास होने के बाद लाभार्थी को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सभी भुगतान ऑनलाइन किए जाएंगे। जनपद में गुलाब और लेमन ग्रास की खेती होती है लेकिन पॉमा राजा की खेती नहीं हो रही है।
लाभार्थी को यह मिलेगा लाभ
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत गुलाब की खेती करने व वाले लाभार्थी को 166530 रुपये प्रति हेक्टेयर तक दिया जाएगा। इसमें श्रमिकों की मजदूरी, पौधों की लागत, खाद एवं कृषि रसायन की धनराशि भी शामिल है। लेमनग्रास एवं पॉमारोजा की खेती के लिए इसका बजट 175525 रुपये प्रति हेक्टेयर रखा गया है। इसमें मजदूरी मनरेगा में काम करने वाले श्रमिक ही कर सकते हैं और भुगतान भी सीधे उनके खाते जाएगा।