यदि किसी छात्र, छात्रा या अन्य किशोर के लिए दोपहिया या चौपहिया वाहन का लर्निंग लाइसेंस बनवाना है तो अब उसके लिए संभागीय परिवहन कार्यालय में नगद शुल्क जमा नहीं होगा।
इसके लिए अब आनलाइन ही शुल्क वसूली की जाएगी। क्रेडिट या डेबिट कार्ड से यह शुल्क जमा कराया जाएगा। इस व्यवस्था से जहां दलालों के शोषण से मुक्ति मिलेगी। वहीं लर्निंग लाइसेंस के नाम पर अधिक चार्ज के नाम पर उत्पीड़न से निजात मिल पाएगी।
संभागीय परिवहन अधिकारी डा. विजय कुमार के मुताबिक वीआईपी, वीवीआईपी नंबरों के लिए पंजीकरण की व्यवस्था तो बहुत पहले से ही ऑनलाइन की जा चुकी है।
इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर आरसी की प्रक्रिया भी काफी हद तक आनलाइन हो चुकी है। ऐसे कार्यों में अधिक पारदर्शिता और वाहन स्वामियों की परेशानियां कम करने के लिए अब लर्निंग लाइसेंस में भी यह व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं के पास डेबिट या क्रेडिट कार्ड नहीं होगा। वह अपने अभिभावकों या अन्य किसी परिजन के कार्डों का प्रयोग कर शुल्क जमा करा पाएंगे।