-अधिकारी बोले, दूसरी बार टीका लगने के तीन सप्ताह बाद बनती है एंटी बॉडी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सरसावा में तैनात लैब टेक्नीशियन कोरोना वैक्सीन के दोनों टीके लगने के बाद कोरोना संक्रमित हो गया है। चिकित्साधिकारी इसे बड़ी बात नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि दूसरी बार टीका लगने के भी कम से कम तीन सप्ताह बाद शरीर में एंटी बॉडी बनती है, जो कोरोना संक्रमण होने से रोकती है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि सरसावा में तैनात लैब टेक्नीशियन, जो कोरोना जांच के लिए लोगों के नमूने लेता था। उसने कोरोना वैक्सीन का पहला टीका 19 फरवरी तथा दूसरी बार का टीका 20 मार्च को लगवाया था। दोनों टीके लगने के बाद उसने एंटीजन किट से अपनी कोरोना जांच कराई, जो पॉजिटिव रही है। सीएचसी सरसावा प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने लैब टेक्नीशियन के संक्रमित होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फिलहाल कर्मचारी को होम क्वारंटीन कर दिया गया है। मगर वह पूरी तरह स्वस्थ है। डॉ. राजेश ने बताया कि चूंकि दूसरी बार का टीका 20 मार्च को लगा था तो तीन सप्ताह के भीतर कोरोना संक्रमण हो सकता है। दूसरी बार का टीका लगने के कम से कम तीन सप्ताह बाद शरीर में एंटी बॉडी बनकर तैयार होती है।
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शुक्रवार को 30 नए संक्रमित मिले
जनपद में शुक्रवार को भी 30 नए संक्रमित मिले। इनके साथ ही जनपद में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 10713 हो गई है। उधर, शुक्रवार को 10 मरीज ठीक भी हुए हैं। वर्तमान में जनपद में कोरोना के 139 एक्टिव मरीज हैं।
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दयावती अस्पताल में भी हुआ टीकाकरण
कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुक्रवार को भी जारी रहा। खास बात यह रही कि रंजीत नगर स्थित दयावती अस्पताल में भी टीकाकरण शुरू हो गया। इस अस्पताल को टीकाकरण के लिए आठ मार्च को नामित किया गया था। डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि पहले दिन कुल 30 लोगों को पूरी नियमों के अनुसार टीका लगाया गया है। सभी व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ अपने घर लौटे हैं। उधर, शुक्रवार को जिले भर में कुल 10440 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 4178 लोग टीका लगवाने पहुंचे।