मिर्जापुर। करीब पांच हजार की आबादी के गांव हबीबपुर तपोवन उर्फ खुवासपुर को तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाला मुख्य सड़क मार्ग बड़कला खोल नदी की बाढ़ में बह गया है। गांव में पहुंचने का रास्ता न होने से आवागमन बंद कर दिया है। ग्रामीण सभी जगह फरियाद लगा कर थक चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
गांव खुवासपुर की सड़क मार्ग से मिर्जापुर की दूरी आठ किमी है। यह रास्ता बड़कला खोल (नदी) के किनारे से होकर गुजरता है। गत वर्ष आई नदी की बाढ़ में एक किमी सड़क मार्ग बह गया था। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सड़क बहने के बाद नदी के किनारे-किनारे चलने का कुछ रास्ता बच गया था, लेकिन इस बरसात में सड़क किनारे का यह बचा हुआ मार्ग भी ध्वस्त हो गया है। अब गांव का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। पिछले सोमवार को गांव में असलम के बेटे की शादी का वलीमा था, लेकिन रास्ता न होने के चलते अधिकतर मेहमान वापस चले गए। इस पूर्व गांव में आई एक बरात का दूल्हा कई किमी पैदल चलकर गांव आया था।
-पूर्व प्रधान रियाजुल चौधरी का कहना है कि गांव के पीछे की तरफ से दो किमी का एक कच्चा रास्ता है, जिससे मिर्जापुर पहुंचा जा सकता है। इस रास्ते की मरम्मत कराते हुए पत्थर की पैचिंग लगाकर अस्थायी रास्ता शुरू कराया जाए।
- भूरा चौधरी का कहना है कि बरसात के अधिकारियों के सामने गुहार लगाने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीण परेशान हैं।
- फुरकान चौधरी का कहना है कि दिन में जैसे-तैसे दूर-दराज के रास्तों से तहसील मुख्यालय तक पहुंचते हैं, लेकिन रात में गांव से बाहर निकलना भी मुश्किल रहता है।
-असलम चौधरी का कहना है कि रास्ते न होने की वजह से रिश्तेदारों ने भी आना बंद कर दिया है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी से रास्ते को ठीक कराने के लिए वार्ता की गई है, फिलहाल विभाग अस्थायी मार्ग को तैयार करेगा। बारिश के मौसम के बाद इसे पक्का कराया जाएगा।
- नरेश सैनी, पूर्व विधायक
लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क मार्ग पर कच्चा मार्ग की तैयार कराकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी, लेकिन नदी में आए पानी के सैलाब में वह बह गया है। दोबारा से इसे ठीक कराया जाएगा।
- मानवेंद्र सिंह, एसडीएम बेहट