बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे निगम के खटारा वाहन
सहारनपुर। कोई आम इंसान यातायात नियम तोड़ता है तो परिवहन विभाग से लेकर पुलिस तक कार्रवाई में जुट जाती है, मगर सरकारी महकमा ही नियम तोड़ने लगे तो सब मौन हो जाते हैं। नगर निगम ऐसे खटारा वाहनों से कचरा ढुलाई का कार्य ले रहा है, जिनकी उम्र पूरी हो चुकी है, हालत भी खस्ता है और नंबर प्लेट तक नहीं लगी हैं। ऐसे वाहनों का इस्तेमाल हादसों का सबब बन सकता है, लेकिन निगम से लेकर परिवहन विभाग और पुलिस सब अनजान बने हुए हैं।
नगर निगम पास वर्तमान में 97 वाहन हैं। इनमें सीवर की सफाई में लगे वाहन, कचरा उठान के लिए ट्रक और छोटा हाथी तथा बाजारों से सूखा व गीला कचरा अलग-अलग लेने वाले छोटे-बड़े वाहन शामिल हैं। वाहनों पर नंबर प्लेट है या नहीं, इसकी पड़ताल के लिए अमर उजाला टीम ने सड़कों से लेकर गैराज तक का हाल देखा। गैराज में कतार से खड़े कई वाहन बिना नंबर प्लेट नजर आए। कई खटारा और बेहद पुराने वाहन ऐसे मिले, जिनको डेंट-पेंट कर नया करने की कोशिश की गई है, मगर उनकी बॉडी पूरी तरह गल चुकी है। इनमें कचरा उठान में लगे ट्रक और छोटे वाहनों के अलावा सीवर की सफाई करने वाली जंबो गाड़ियां शामिल हैं। वाहनों के आगे और पीछे कोई नंबर प्लेट या नंबर लिखा नहीं मिला। केवल नगर निगम सहारनपुर और स्मार्ट सिटी वाहनों पर जरूर लिखा गया है।
नगर निगम के प्रमुख वाहन
कचरा उठान के लिए ट्रक 13
टेंपो और छोटा हाथी 55
जेसीबी 05
सीवर की सफाई में लगे वाहन करीब 15
आरटीओ दफ्तर के नजदीक से भी गुजरते हैं ये वाहन
नगर निगम इन दिनों कचरे को देहरादून रोड पर एक गांव में डाल रहा है। निगम के खटारा और बिना नंबर प्लेट के वाहन प्रतिदिन देहरादून रोड स्थित संभागीय परिवहन विभाग के दफ्तर के पास से गुजरते हैं। इन वाहनों पर परिवहन विभाग की नजर नहीं पड़ती और कार्रवाई भी नहीं होती है। ऐसी दशा में खटारा वाहन कभी भी हादसे की वजह बन सकते हैं। सवाल यह है कि बिना नंबर प्लेट और खटारा वाहनों को रोका क्यों नहीं जाता।
कुल 1.29 लाख वाहन कर चुके उम्र पूरी
संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से एक साल पूर्व नॉन ट्रांसपोर्ट श्रेणी के ऐसे वाहनों की सूची तैयार की गई थी, जिनकी उम्र (15 वर्ष) पूरी हो चुकी है। इनमें 1.29 वाहन शामिल हैं। इन वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे गए। इनमें से 1.20 लाख वाहनों के पंजीकरण निलंबित भी किए गए थे।
सभी वाहनों का है पंजीकरण और बीमा
खरीदे गए सभी वाहनों का पंजीकरण और बीमा है। हाल में स्मार्ट सिटी के तहत 17 वाहन मिले हैं, जिनकी नंबर प्लेट तैयार हो चुकी हैं। पूर्व के कुछ वाहन ऐसे हैं, जो उम्र पूरी कर चुके हैं। नए वाहन मिलते ही पुराने वाहनों को नीलाम कराया जाएगा। तीन वर्ष पहले भी 17 खटारा वाहन नीलाम किए गए थे। - एसबी अग्रहरि, अवर अभियंता, गैराज नगर निगम
यातायात नियम सभी के लिए बराबर हैं। वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। यदि निगम के वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगाई जा रही हैं तो इस संबंध में निगम अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
- आरपी मिश्रा, एआरटीओ, प्रवर्तन, सहारनपुर