मुजफ्फनगर और शामली के लिए भी ध्यानार्थ
गांगनौली मिल का चीनी परता सबसे कम 9.05 फीसदी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मुजफ्फरनगर जनपद की खाईखेड़ी चीनी मिल रिकवरी के मामले में मंडल में सबसे आगे है। 31 दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार खाईखेड़ी मिल की रिकवरी का औसत 11.67 प्रतिशत रहा है। वहीं, सबसे पीछे जनपद की गांगनौली चीनी मिल है। इसमें औसत चीनी परता 9.05 फीसदी आ रहा है।
सहारनपुर मंडल में गन्ने की अगेती प्रजातियों की खेती अधिक की जाती है। इसमें भी गन्ने की उन्नत प्रजाति कोशा- 0238 का क्षेत्रफल सबसे अधिक है। इसके चलते शुगर मिलों में चीनी परता की स्थिति लगातार सुधर रही है। शुगर रिकवरी के हिसाब से चीनी मिलों की आय तय होती है, अधिक रिकवरी वाली मिल में चीनी भी ज्यादा बनती है। जिससे किसानों को भुगतान में मदद मिलती है। मंडल की शुगर मिलों में औसत चीनी परता 10 फीसदी से अधिक चल रहा है।
औसत शुगर रिकवरी में सहारनपुर पीछे
मंडल में तीनों जनपद में मुजफ्फरनगर जिले की शुगर मिलों की औसत शुगर रिकवरी सर्वाधिक है। यहां पर शुगर रिकवरी का औसत 10.63 प्रतिशत है। इसके बाद शामली जनपद में 10.40 प्रतिशत जबकि सहारनपुर जनपद में औसत शुगर रिकवरी मंडल में सबसे कम है। यहां की मिलों की शुगर रिकवरी 9.64 फीसदी है।
वर्जन
मिलों का चीनी का औसत परता अच्छा चल रहा है। इसमें मुजफ्फरनगर की खाईखेड़ी मिल की शुगर रिकवरी मंडल में सर्वाधिक है। इसमें औसत शुगर रिकवरी 11.67 फीसदी है। जबकि 9.05 फीसदी की औसत शुगर रिकवरी के चलते गांगनौली चीनी मिल सबसे पीछे है। गांगनौली मिल में शुगर रिकवरी कम आने की वजह तकनीकी हो सकती है।-डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त
मंडल में औसत शुगर रिकवरी की स्थिति
जनपद गत सीजन (फीसदी) मौजूदा पेराई सत्र
सहारनपुर 9.63 9.64
मुजफ्फरनगर 10.52 10.63
शामली 10.31 10.40
नोट: उप गन्ना आयुक्त कार्यालय के 31 दिसंबर तक के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार।