फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर को सोशल मीडिया से रखिए दूर : एएसपी

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
सहारनपुर। स्मार्टफोन को आप अपने बैंक खाते से अलग रखकर साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं। स्मार्टफोन में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कई एप होते हैं। खासकर मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी को लेकर ठग खाते को खाली कर सकते हैं। अगर बैंकिंग से जुड़े मोबाइल नंबर को अलग रखेंगे तो ठग ओटीपी नहीं ले सकेंगे।
यह जानकारी एएसपी मनोज कुमार यादव ने मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एसएएम इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कही। उन्होंने बताया कि आपका डरना और लालच का फायदा उठाकर साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। किसी अनजान नंबर से कॉल आने के बाद बात करने पर अगर कॉलर फंसाता है तो घबराइए नहीं। कॉल काट दें और पुलिस से शिकायत करें। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई कांसेप्ट नहीं है। न ही पुलिस कॉल करके किसी से रुपये मांगती है। शातिर डर दिखाकर वीडियो कॉल पर लेकर केस में फंसाने से बचाने के नाम पर रुपये की मांग करते हैं।
विज्ञापन

थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक कपिल देव ने छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 1098, 1930, 112 और 108 एंबुलेंस सेवा के बारे बताया। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार गुप्ता, प्रवक्ता रामवीर सिंह, एनसीसी अधिकारी ब्रिजेश पुंडीर, नवीन गुलाटी, महिला उप निरीक्षक चंचल शर्मा, नीलू आदि रहे।
विज्ञापन

-
छात्रों के सवाल एएसपी के जवाब
सवाल : लड़कियों को पुलिस अधिकारी बनने के लिए क्या करना चाहिए? दीपाली पंवार
जवाब : लगन और मेहनत से पढ़ाई करें। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। एक बार में सफलता नहीं मिलती तो दूसरी बार भी प्रयास करना चाहिए।
सवाल : छोटे-छोटे बच्चे नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे हैं। पुलिस क्या कार्रवाई कर रही। सुहाना
जवाब : इन दिनों ऑपरेशन सवेरा चल रहा है। इसके तहत छोटे-बड़े तस्करों पर कार्रवाई हो रही है। कोई व्यक्ति मोहल्ले-कॉलोनी में नशा की सप्लाई कर रहा है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें।
सवाल : थाने में कैसे शिकायत दर्ज होती है। -शाहवेज
जवाब : हर थाने में शिकायत कक्ष होता है। वहां पुलिसकर्मी की तैनाती रहती है। पीड़ित की समस्या सुनकर शिकायत दर्ज की जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें