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अर्द्धसैनिक बलों की 27 कंपनी करेगी कांवडि़यों की सुरक्षा

Wed, 28 Jun 2017 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कांवड़ यात्रा की तैयारी के लिए बैठक लेते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर। पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ मेले को संवेदनशील मानते हुए 27 कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स लगाई जाएगी। 2000 से अधिक पुलिस उप निरीक्षक एवं 50 अधिकारी अतिरिक्त लगाए जाएंगे।  एडीजी आनंद कुमार ने कांवड़ मेले को संवेदनशील बताते हुए अधिकारियों को वांछित आपराधिक संगठनों, जेहादी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। मिश्रित जनसंख्या वाले क्षेत्रों में सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बताया कि चिड़ियापुर, काली नदी, पुरकाजी, मड़ावर, गोकलपुर, नारसन पर पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा सादी वर्दी में और कांवड़ियों के भेष में पुलिस कर्मी मौजूद रहेंगे। मंगलवार को सहारनपुर पुलिस लाइन के सभागार में कांवड़ मेला-2017 में उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर की जाने वाली तैयारियों तथा सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर समन्वय बनाने के लिए बैठक  आयोजित की गई। 
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उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनोद शर्मा ने कहा है कि कांवड़ मेला आठ जुलाई से शुरू हो जाएगा। उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा में कांवड़ियों की सुरक्षा का कड़ा प्रबंध किया जा रहा है। यूपी और उत्तराखंड राज्यों ने इसकी तैयारी कर ली है। हरिद्वार में कांवड़ियों के आगमन की व्यवस्था कर ली गई है। कांवड़ियों का हरिद्वार में डीजे लाना प्रतिबंधित रहेगा।      
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 3.30 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे। इस बार यह संख्या बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के लिए हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत जिलों में व्यवस्था की जानी है। इसको लेकर एक बैठक देहरादून में हो चुकी है जिसमें यूपी, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के अधिकारी पहुंचे थे।      
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उन्होंने कहा कि हरिद्वार में डीजे पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। जो कांवड़िए हरिद्वार आते हैं, वे सहारनपुर, शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर एवं अन्य जिलों से आते हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि कांवड़ियों के आने से पूर्व उन्हें बताया जाए कि वे धार्मिक कार्य से आते हैं। 
वे डीजे लेकर न आएं। जिससे अन्य व्यक्तियों को असुविधा न हो।  उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए उत्तराखंड में हरिद्वार से लेकर मंगलौर तक नहर की पटरी पर पानी, कैंप, मेडिकल, बिजली , खाने-पीने की सुविधा उत्तराखंड शासन द्वारा की जाएगी। यूपी के जिलों में यह व्यवस्था उन जिलों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।       

 एडीजी मेरठ आनंद कुमार ने कहा कि 8 जुलाई से कांवड़ मूवमेंट शुरू हो जाएगा। इस बार 3.50 से 4 करोड़ तक कांवड़ियों के आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यूपी में जहां से भी कांवड़ जाएगी, प्रयास किया जाएगा कि कांवड़िए डीजे लेकर न जाएं। सभी जिलों को पत्र भेजकर डीजे के प्रतिबंध की सूचना दी जाएगी।      
कांवड़ के कैंप में अव्यवस्था एवं घटनाओं को रोकने के लिए योजना तैयार की गई है। जिसमें दुर्घटनाएं रोके जाने, किसी भी दुर्घटना पर जल्दी कार्रवाई किए जाने, मेडिकल सुविधाएं तुरंत मुहैया कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है।       

कांवडियों के भारी संख्या में आवागमन को दृष्टिगत रूट डायवर्जन, मार्गों में लगने वाले शिविरों एवं बॉर्डर के चिह्नित प्वाइंट पर किये जाने वाले व्यापक पुलिस प्रबंधों, अंतर्राज्यीय सुगम संचार व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में गढ़वाल मंडल के डीआईजी पुष्पक ज्योति, एसएसपी हरिद्वार कृष्ण कुमार, एसएसपी देहरादून नीलम कुकरेती, डीएम सहारनपुर पीके पांडेय, एसएसपी सहारनपुर बबलू कुमार के अलावा मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर के भी पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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