सहारनपुर। कांवड़ यात्रा के लिए जिले में रूट डायवर्जन की व्यवस्था दो चरणों में लागू होगी। 180 किलोमीटर के तीन कांवड़ मार्ग पर रूट डायवर्जन का पहला चरण 29 जुलाई की रात 12 बजे से चार अगस्त तक लागू रहेगा।
दूसरा चरण पांच अगस्त से 11 अगस्त की रात 12 बजे तक यातायात संचालन अलग-अलग नियमों के तहत होगा। इस दौरान भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए अलग व्यवस्थाएं रहेंगी। मुख्य कांवड़ मार्ग पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा।
जिले में तीन प्रमुख कांवड़ मार्ग बनाए गए हैं। पहला मार्ग काली नदी पुल से शुरू होकर गागलहेड़ी, देहरादून चौक, घंटाघर, नकुड़ तिराहा, सरसावा, शाहजहांपुर होते हुए यमुनानगर तक रहेगा, जो करीब 55 किलोमीटर का है। दूसरा मार्ग बड़कलां, छुटमलपुर, मुजफ्फराबाद, कलसिया, बेहट, गंदेवड़, नौसेरा, हथिनीकुंड होकर यमुनानगर जाएगा। यह मार्ग 60 किलोमीटर का है।
तीसरा मार्ग देवबंद, बड़गांव, नानौता, तीतरों, गंगोह होते हुए करनाल और शामली की ओर रहेगा। प्रथम चरण में रात 12 से सुबह तीन बजे तक भारी और मध्यम वाहनों को चुनहेटी कट से शहर में प्रवेश कर हसनपुर चौक, दीवानी तिराहा, विश्वकर्मा चौक, अंबेडकर चौक और लिंक रोड से गंतव्य तक जाने की अनुमति रहेगी।
ट्रांसपोर्ट नगर जाने वाले वाहन भारत माता चौक और माहीपुरा चौक होकर जाएंगे। हल्के वाहनों को मुख्य कांवड़ मार्ग के एक तरफ से संचालित किया जाएगा, जबकि दूसरी ओर कांवड़िये चलेंगे। दूसरे चरण में शहर में भारी और मध्यम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
केवल फल, सब्जी और खाद्य सामग्री से जुड़े वाहन बाईपास, सरसावा बाईपास, बैंगनी फाटक और चिलकाना मार्ग से मंडी तक पहुंच सकेंगे। इस मार्ग पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं होगा।