कल्याण सिंह ने हटवाई थी राम मंदिर आंदोलन के दौरान लगी रासुका
सहारनपुर। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राम जन्मभूमि आंदोलकारियों की यादें ताजा कर दी हैं। आंदोलनकारियों को अपनी गिरफ्तारी से लेकर जेल यात्रा तक के दौरान के किस्से याद आ रहे हैं। उस समय उन पर रासुका जैसी कार्रवाई भी हुई थी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य दिनेश सेठी बताते हैं कि थाना कुतुबशेर क्षेत्र से 13 अप्रैल 1990 को उनकी पहली बार गिरफ्तारी हुई थी। तब उनको मेरठ स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया था, क्योंकि मेरठ जिला कारागार मेें पंजाब के आंदोलनकारियों को रखा गया था। उस वर्ष 18 अक्तूबर को दिवाली उन्होंने जेल के अंदर मनाई थी। उनकी रिहाई दो नवंबर को हुई थी। वे उस समय बजरंग दल के सह संयोजक थे। जेल में उनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता तेज क्वात्रा, दिनेश जैन बल्ली, सुरेंद्र शर्मा, दीनानाथ शर्मा, कृष्णलाल मक्कड़ आदि थे। दिनेश सेठी बताते हैं कि राम जन्मभूमि आंदोलन में 27 मार्च 1991 को उनकी दूसरी बार गिरफ्तारी हुई थी। तब तक वे बजरंग दल के संयोजक हो चुके थे। इस बार उन्हें पहले सहारनपुर जेल और बाद में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन पर तीन अप्रैल को रासुका के तहत कार्रवाई हुई। इस बार जेल में उनके साथी कृष्णलाल मक्कड़, डॉक्टर अमरजीत आदि थे। कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सबसे पहले राम जन्मभूमि के आंदोलनकारियों से रासुका हटाई थी। तब जाकर उनकी जेल से रिहाई हुई।