दोषियों ने एक मकान को कब्जाने की खातिर उनके भाइयों को मौत के घाट उतार दिया था। केस की अवधि के दौरान कई बार मन उदास भी हुआ, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। अदालत पर पूरा भरोसा था। बुधवार को जब अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई तो एक बार को उनकी आंखें नम हो गई।
बच्चों के सिर से उठ गया था पिता का साया
जब आलमगीर की हत्या हुई थी, तब उसकी उम्र 40 वर्ष थी, जबकि सनव्वर 35 साल का था। आलमगीर के पांच और सनव्वर के दो बच्चे हैं। दोनों की हत्या से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया था, लेकिन उनकी पत्नी और परिवार सदस्यों ने बच्चों का पालन पोषण करने के साथ पढ़ाई-लिखाई भी करा रहे हैं।
मकान था विवाद की जड़
जिस मकान को लेकर दोहरा हत्याकांड हुआ था वह मुकर्रम और हुसैन ने मिलकर आरोपी पक्ष इस्लाम से खरीदा था। इसके बाद इस्लाम पक्ष मकान को दोबारा वापस मांग रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद था। जिसके चलते दोहरा हत्याकांड हुआ था। एक मकान की खातिर कई परिवार बर्बाद हो गए।
टॉप-10 अपराधी है उस्मान
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि दोषी उस्मान जिले का टॉप-10 अपराधी है, जो उस समय जमानत पर आया हुआ था। उसके खिलाफ से अलग-अलग थानों जानलेवा हमला, रंगदारी, मांगने और गिरोह बनाकर समाज में भय फैलाने से 10 से अधिक केस दर्ज है। जिसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है।