हरियाणा से यूपी तक पहुंचे जाट आरक्षण आंदोलन के कारण रविवार का दिन सैकड़ों रेलयात्रियों पर सबसे भारी पड़ा। सहारनपुर-शामली दिल्ली रूट पर रास्तों में जाट समाज के विरोध और जाम के कारण इस रेलवे मार्ग पर जाने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया।
इसके अलावा हरियाणा से यूपी तक आंदोलन के असर को देखते हुए रेलवे की ओर से 16 अन्य ट्रेनों को भी कैंसिल कर दिया गया। इस कारण सैकड़ों यात्रियों का सफर मुश्किल में पड़ गया। परेशान यात्री पूछताछ कक्ष, स्टेशन मास्टर आफिस से पूछताछ करते और रेलवे प्लेटफार्मों पर इधर-उधर भटकते रहे।
रविवार को जिले में 24 केंद्रों पर ग्राम पंचायत अधिकारी पद की परीक्षा भी थी। इसलिए ट्रेन नहीं मिलने से रेल यात्रियों के साथ इन अभ्यर्थियों को भी परेशान होना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी शामली, बड़ौत, बागपत, लोनी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को हुई।
यात्री संजय, सतपाल, ब्रिजेश, सावित्री, किशोर, मंगल आदि ने बताया कि बागपत और लोनी जाने के लिए अब शामली की जगह उन्हें मेरठ को जाने वाली ऋषिकेश-दिल्ली पैसेंजर से जाना पड़ रहा है। कई यात्री ऐसे भी रहे जो मुजफ्फरनगर में उतरने के बाद शामली या दिल्ली की ओर जाने की बात कहते रहे।
इतनी टेंशन तो एग्जाम से भी न मिली ः शामली रूट पर ट्रेनें न मिलने पर प्लेटफार्मों और ट्रैक पर भटक रहे परीक्षार्थियों अखिलेश, प्रदीप, जमाल, अजब सिंह, सुधीर, पंकज, अविनाश आदि ने बताया कि स्टेशन आने पर पता चला कि सुबह साढ़े नौ बजे वाली पैसेंजर को शामली या बागपत के आसपास कहीं रोक लिया गया है।
इसके बाद से इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बाधित कर दिया गया है। साढ़े 12 बजे परीक्षा छूट गई थी। तभी से स्टेशन पर भटक रहे हैं। इतनी टेंशन तो उन्हें एग्जाम से भी नहीं थी, जितनी यहां ट्रेनों के न मिलने से हुई है।
हजारों यात्रियों को परेशान करके क्या मिलेगा
ट्रेनों के न मिलने से हताश यात्रियों ने कहा कि आरक्षण के नाम पर जो लोग आंदोलन कर रहे हैं। वे हजारों यात्रियों को बेवजह मुश्किल में डाल रहे हैं। उन्होंने उनका क्या बिगाड़ा है। इतने लोगों को परेशान करके क्या मिल रहा है। उनके अपने भी तो इस आंदोलन से परेशान हो रहे होंगे।
यह तो मालगाड़ियों का स्टेशन बन गया सर
प्लेटफार्मों पर मालगाड़ियों में जाने वाले सामान के ऊपर ही ऊंघ रहे और गाड़ियों का इंतजार कर रहे कई यात्रियों ने कहा कि सुबह से दोपहर हो गई है, जिस लाइन पर एक्सप्रेस ट्रेनें आनी चाहिए, उस पर अब तक दर्जनों मालगाड़ियां जा चुकी हैं। यह तो मालगाड़ियों का स्टेशन बन गया है।
रेलवे ने भी बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल
एक तरफ जहां जाट आंदोलन से हजारों यात्री पहले ही परेशान हैं। वहीं, रेलवे के सिस्टम ने भी उनकी परेशानी और बढ़ा दी। इस हालात में भी रेलवे की ओर से मेंटीनेंस और अन्य कारणों से मालगाड़ियों वाली लाइन पर सात घंटे का ब्लॉक डाल दिया। इसके चलते जो यात्री गाड़ियां इस लाइन से गुजर सकती थीं। उन्हें भी घंटों देरी या कैंसिल करने के लिए मजबूर कर दिया गया।
पहले टिकट लिया, फिर वापस किया ः ट्रेनों की टेंशन से जूझ रहे यात्री पहले तो टिकट काउंटरों पर शामली और अन्य रूटों की एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए टिकट लेने को कतार में खड़े रहे।
इसके बाद ट्रेनों का संचालन न होने से उन्हें वापस करने या बदलने के लिए काउंटरों पर जूझते रहे। इस दौरान आरपीएफ और जीआरपी जवानों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।
पूछताछ कक्ष के रिस्पांस पर भी जताया रोष
पूछताछ कक्ष पर ट्रेनों के बारे में जानकारी लेने वाले अधिकांश यात्री यहां के रिस्पांस को लेकर नाराज रहे। उन्होंने कहा कि जिस गाड़ी के बारे में पूछो, यही जवाब मिल रहा था, अभी कुछ पता नहीं। शामली रूट को बाधित किए जाने का एनाउंसमेंट भी समय से नहीं किया गया। इसके चलते यात्रियों को भटकना पड़ा।
आरक्षण के लिए जाटों ने दिया धरना
हरियाणा में चल रहे आरक्षण आंदोलन के समर्थन में युवा जाट सभा ने धरना दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हरियाणा विधानसभा और संसद में जाट आरक्षण बिल पास नहीं किया जाता तो आंदोलन और फैल जाएगा। उन्होंने आंदोलन में मारे गए जाट समाज के लोगों श्रद्धांजलि दी।
रविवार को हकीकत नगर स्थित धरनास्थल पर युवा जाट सभा ने धरना दिया। जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं की अनर्गल बयानबाजी के चलते जाट आरक्षण आंदोलन ओर तेज हो गया है। जिले का जाट समाज आंदोलन के समर्थन में सरसावा, नानौता, नागल और छुटमलपुर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगा।
सचिन चौधरी, सत्यपाल वर्मा, धीरज सिंह, बलराज तोमर, धीर सिंह, पंकज चौधरी, भगत सिंह, सरदार सिंह, नवीन, कविराज, नेकीराम प्रधान, सागर, मोहित, अभिषेक चौधरी, सागर पंवार, गौरव, अमरपाल, रोहित, राहुल, रणदीप, अजीत, सत्यपाल चौहान आदि रहे।