सहारनपुर के देवबंद के राज्जुपुर गांव में चल रहे तब्लीगी जमात के इजतमा के अंतिम दिन दूर दराज से आए लाखों लोगों ने इसमें शिरकत करते हुए अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क में अमनो अमान, भाईचारा और आपसी सौहार्द के लिए दुआएं मांगी।
शुक्रवार को राज्जुपुर गांव में चल रहा तीन दिवसीय तब्लीगी जमात का समापन सामूहिक दुआ के साथ हुआ। राजस्थान, दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, बागपत, शामली, अंबाला आदि स्थानों से इजतमा में पहुंचे लाखों लोागों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठा रो-रोकर दुआएं मांगी।
इस अवसर पर दिल्ली मरकज के मियाजी हशमत मेवाती ने कहा कि मुसलमान नमाज और रोजे की पाबंदी रखे तो उनके सामने आने वाली तमाम परेशानियां खुद-बा-खूद दूर हो जाएंगी। कहा कि अल्लाह ने हमें दुनिया में अपनी इबादत के लिए भेजा है इसलिए हमें चाहिए कि उसके घरों (मस्जिदों) को आबाद करें।
इसके साथ ही मियाजी हशमत ने कहा कि तब्लीगी जमात का काम नबियों वाला है। इसलिए अब हमारी जिम्मेदारी बनती है कि इस्लाम की दावत देने का काम करें और लोगों को मुल्क में अमन फैलाने का संदेश दें।
दिल्ली मरकज से आए मौलाना शमीम ने कहा कि मुसलमानों को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास करते हुए तब्लीगी जमात का काम करना चाहिए ताकि इस्लाम की सही तस्वीर पूरी दुुनिया के सामने रखी जा सके। अंत में मौलाना शमीम ने मुल्क की तरक्की, भाईचारा, आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई।
कार्यक्रम में जमातों का जोड़ भी कराया गया। इनके अलावा मौलाना नाजिम, मौलाना असदुल्लाह और मीरापुर से बसपा के पूर्व विधायक मौलाना जमील आदि ने भी विचार रखें। इस मौके पर जहीन अहमद, कारी इब्राहीम, अहसान, जाकिर, वसीम राज्जुपुरी, मौलाना जीशान कासमी, मुफ्ती रहमान, फिरोज अहमद, असलम कासमी आदि मौजूद रहे।