देवबंद। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश की ओर से मदरसा जामिया हकीमुल इस्लाम के संस्थापक व प्रभारी मौलाना रहीमुद्दीन कासमी को देवबंद क्षेत्र का को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद पोर्टल पर वक्फ की जानकारी अपलोड करना बेहद जरूरी है। निर्धारित समय सीमा में रजिस्ट्रेशन न होना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मौलाना रहीमुद्दीन कासमी ने बयान में नियुक्ति की जानकारी देते हुए कहा कि देश की वर्तमान स्थिति में भारतीय मुसलमानों के सामने जो संवेदनशील मसले हैं, उनमें सबसे अहम मसला वक्फ और उनकी संपत्तियों (मस्जिदों, मदरसों, खानकाहों, दरगाहों, इमामबाड़ों आदि) की सुरक्षा का है। वक्फ बोर्ड की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सभी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड ने उन्हें देवबंद और आसपास के क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों की जानकारी उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करवाने की जो अहम जिम्मेदारी सौंपी है उसके तहत वह जल्द ही मुतवल्लियों के साथ बैठक करेंगे, ताकि क्षेत्र की वक्फ संपत्तियां पंजीकृत बनी रहें। मौलाना रहीमुद्दीन कासमी ने बताया कि वक्फ की सभी जानकारियां उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। यदि तय तिथि में यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो संबंधित मुतवल्लियों को कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।