सहारनपुर। जिले में 16500 पेंशनरों को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। फर्जीवाड़े की आशंका के चलते यह जांच कराई जा रही है। इन सभी को मुख्य कोषागार कार्यालय से पेंशन जारी होती है। वहीं, जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं कराने पर 350 पेंशनधारकों की पेंशन रोक दी गई है। वह भी जांच के दायरे में हैं।
चित्रकूट समेत कई जिलों में पेंशन फर्जीवाड़े का मामला पकड़ा गया था, जहां पर पेंशनधारक की मौत के बाद भी कर्मचारियों की मिलीभगत से पेंशन जाती रही। इसमें काफी लोगों के नाम सामने आए थे। इन प्रकरणों को देखते हुए मुख्यालय की तरफ से मौखिक तौर पर निर्देश दिए गए थे कि अगर कहीं भी पेंशन कार्यालय में फर्जीवाड़ा मिलता है तो इसके लिए मुख्य कोषाधिकारी जिम्मेदार होंगे। सहारनपुर में मुख्य कोषागार कार्यालय से 16500 लोगों को पेंशन जारी होती है।
इसमें प्रदेश सरकार के रिटायर अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि सहारनपुर में अभी फर्जीवाड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन सतर्कता की दृष्टि से इन सभी की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान सभी की फाइलें चेक की जा रही हैं। अभी तक 200 पेंशनधारकों की जांच हो चुकी है।
वहीं, पेंशनधारकों को हर साल में एक नवंबर से 30 नवंबर तक जीवन प्रमाणपत्र जमा कराना होता है। पिछले साल भी यह प्रक्रिया हुई, लेकिन 350 पेंशनधारक ऐसे हैं, जिन्होंने जीवन प्रमाणपत्र जमा ही नहीं कराया। ऐसे में उनकी पेंशन रोक दी गई है। ऐसे पेंशनधारकों की भी छानबीन शुरू कर दी गई है कि कहीं उनका निधन तो नहीं हो गया और दूसरा कोई उनके नाम से पेंशन ले रहा हो।