देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने मुसलमानों को सोशल मीडिया पर इस्लामी तालीमात और दीन के प्रतीकों का मजाक उड़ाने से बचने की सलाह दी है।
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि इस्लामी तालीमात का मजाक उड़ाना, चाहे हंसी-मजाक में ही क्यों न हो खुला कुफ्र (अल्लाह में विश्वास न करना) है। ऐसा करने वाला इस्लाम से बाहर हो सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर इस्लाम और उसकी पहचान को हास्य और कॉमेडी का जरिया बना दिया गया है।
मीम्स (इंटरनेट पर तेजी से फैलने वाली छवि), रील्स और वीडियो क्लिप में अब नमाज, अजान, हिजाब, रोजा, दाढ़ी और उलमा को हंसी का पात्र बनाया जा रहा है। कारी इस्हाक ने चिंता जताते हुए कहा कभी इमामों की नकल उतारी जाती है, कभी रोजे, हिजाब या शरीयत के हुक्मों को हंसी-मजाक का विषय बना दिया जाता है। उन्होंने पूरे मुस्लिम समाज से अपील की है कि ऐसे किसी भी कंटेंट से दूर रहें, चाहे वो कितना ही वायरल क्यों न हो।