हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित छात्र रोहित वेमुला के खुदकुशी प्रकरण को लेकर दलित समाज में रोष है। भीम आर्मी की ओर से शुक्रवार को देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास से कलक्ट्रेट तक विरोध स्वरूप जुलूस निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा, जिसमें घटना की सीबीआई से जांच कराने तथा घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की गई।
संगठन का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के मनमाने रवैये ने रोहित को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने मामले में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री दतात्रेय के सीधे तौर पर संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की।
साथ ही दोनों का लाइव डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग भी की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकसभा चुनाव में दलित समाज ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का सपना देखा था। मगर, केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से देश में दलितों का उत्पीड़न बढ़ा है, जो कि निंदनीय है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही रोहित के परिवार को मुआवजा देने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों में दिवेश कुमार, चंद्रशेखर, सुमित गौतम, सन्नी देव, पंकज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, विनोद कुमार, सतीश कुमार, अनिल कुमार, संदीप कुमार, राहुल, मोनू, अटल, मंगल सिंह आदि थे।
केंद्र सरकार दलित और मुस्लिम विरोधी
सहारनपुर। यूथ कांग्रेस के पूर्व सचिव कृष्णा राजपूत ने केंद्र सरकार पर दलित और मुस्लिम विरोधी होने का आरोप लगाया। शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित नितिन शर्मा के निवास पर हुई संगठन की बैठक में राजपूत ने कहा कि रोहित वेमुला की मौत इस बात का सबूत है कि देश में दलित विरोधी माहौल चल रहा है। बैठक में नौशाद, अरशद, सुहेल, आशीष आदि मौजूद थे।