सहारनपुर। जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति लाखों वर्ष पुरानी है। युवाओं को संस्कृति को बचाए रखना है। मनुष्य की जो भी समस्याएं हैं, वह अज्ञानता के कारण है। सबसे हमें अपनी अज्ञानता को दूर करना होगा।
जनमंच सभागार में भारत का ऐतिहासिक गौरव व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और युवाओं की भूमिका विषय पर प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में जूना पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य अवधेशानंद गिरि शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज ने दीप जला कर किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य की जितनी भी समस्याएं है, उनका मूल कारण अज्ञानता है। ज्ञान के अभाव में मनुष्य को विभिन्न प्रकार की विपत्तियों का सामना करना पड़ता है, जो संस्कृति अपनी आलोचना सहन नहीं कर पाती, वह चिरंजीवी नहीं हो सकती। बिना संस्कृति की समझ के देश नहीं चलाया जा सकता। भारत ही ऐसा देश है, जहां मानवीय सभ्यता का जन्म हुआ है। भारतीय संस्कृति को समय की सीमा में नहीं बांधा जा सकता। हमारी संस्कृति जीवन जीने और भोगने की कला सिखाती है। हमारी संस्कृति एकत्व, विश्व बंधुत्व की बात कहती है। हम सब एक-दूसरे के पूरक है। भारतीय सभ्यता, भारतीय भोजन, भारतीय संस्कृति, भारतीय ज्ञान के कारण ही हम सदैव विश्व गुरू रहे हैं और आगे भी रहेंगें। हमारी सभ्यता विश्व स्तर पर धीरे-धीरे बढ़ रही है। भारत पूरे विश्व के एक परिवार के रूप में मानता है।
उन्होंने कहा संसार का कोई कलेंडर ऐसा नहीं है, जिसने भारत का अनुसरण नहीं किया। हमने ही विश्व को काल का ज्ञान कराया है। संस्कृति एक वृक्ष के जैसी होती है, जिसका कोई भी भाग बेकार नहीं होता। मनुष्य का पहला ध्येेय ज्ञान अर्जन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सभी क्रांतियों में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने धरती की हरियाली को सुरक्षित रखने, जल संरक्षण, नदियों की निर्मलता को बनाए रखने की अपील की। संचालन भाजपा नेता राज कुमार राजू ने किया। इस मौके पर बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकार (प्रशासन) एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेंद्र कुमार, आशा माडर्न इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक भव्य जैन, प्रधानाचार्य रूपाली जैन, अभिषेक कृष्णात्रेय, शीतल टंडन, सरदार अमरीक सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष राकेश जैन सहित आशा मॉडर्न स्कूल का स्टाफ और कई स्कूलों के बच्चे मौजूद रहे।
बुजुर्गों का सम्मान छोटों को स्नेह देना सिखाती है संस्कृति : संजय
सहारनपुर। मंडलायुक्त संजय कुमार ने कहा कि हमारी संस्कृति हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान व छोटों को स्नेह करना सिखाती है, जो भी व्यक्ति हमसे उम्र में बड़ा है चाहे वह किसी भी पद पर हो, उसका सम्मान करना चाहिए। हमें जिंदगी देने के लिए हम अपने माता पिता का धन्यवाद करना चाहिए। इसके साथ ही अच्छा इंसान बनाने के लिए शिक्षकों के ऋण को कभी नहीं भूलना चाहिए। युवाओं से कहा आपका काम मेहनत करने का है, जिसका फल जरूर मिलेगा, जिसने भी जिंदगी में शार्टकट लेना चाहा, उसका फल कुछ समय के लिए ही मीठा प्राप्त हुआ है। इसके बाद उसका खट्टा स्वाद जिंदगी भर चखना पड़ता है। हम सबकी उत्पत्ति प्रकृति से हुई है, हम सबको प्रकृति से प्रेम और नियमों का पालन करना होगा। प्रकृति के विपरीत जा रहे लोगों को रोकना होगा।
हम कौन थे, क्या हो गए, इस पर करें चिंतन : आलोक
सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि अपनी संस्कृति को न जानने के कारण ही युवा पश्चिम सभ्यता की तरफ दौड़ रहा है। इससे भारत की भावी पीढ़ी का भला नहीं होने वाला है। हम कौन थे?, क्या हो गए है, इस पर गहराई से चिंतन करने की जरूरत है। डीएम ने शिक्षकों से आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को वह भारत की महान व गौरवशाली परंपरा के बारे में बताएं। युवा अपने गौरवशाली प्राचीन संस्कृति को जब तक पढ़ेगा नहीं, तब तक जागेगा नहीं। हमारी संस्कृति कभी राज्य नियंत्रण में नहीं रही। हमारी संस्कृति साहित्य रूपी खंभों के ऊपर खड़ी है। हमारी राष्ट्रीय एकता बहुत अच्छी है। संस्कृति व भौगोलिक एकता कभी राज्य नियंत्रण में नहीं रही, इसलिए हमारी संस्कृति हमेशा बढ़ती रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, हमारे वेद, हमारे मंदिरों में विज्ञान भी छिपा हुआ है।
युवाओं को अपनी संस्कृति के बारे में जानना होगा : दिनेश
सहारनपुर। एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि सभी संस्कृतियां अच्छी होती है। हमें यह पता होना चाहिए कि संस्कृति क्या है और हमें इसके बारे में क्यों जानना है। हम कौन है, क्यों हैं और किस दिशा में आगे बढ़ना है। इनका सबका जवाब संस्कृति के ज्ञान के बिना मिलना मुश्किल है। कानून के ज्ञान के लिए संस्कृति का ज्ञान आवश्यक है। बिना संस्कृति के ज्ञान के हमारी युवा पीढ़ी आंखें बंद करके चल रही है। युवाओं को अपनी संस्कृति के बारे में जानना जरूरी है।
भारत के सिद्घांत चमकते सूरज और चांद की तरह: नदीम
सहारनपुर। नायब शहर काजी नदीम अख्तर ने कहा कि अपनी सभ्यता, संस्कृति, ऐतिहासिक गौरव को जानकर ही अपने भविष्य को तय किया जा सकता है। हिंदुस्तान में जन्म लेने पर मैं फर्क महसूस करता हूं। भारत में धर्म, धार्मिकता, सद्भाव, मोहब्बत, मार्मिकता, ज्ञान, इल्म उस समय से है, जब न कागज था और न कलम। दुनिया हम से इल्म सिखती है। इस मुल्क पर इतने हमलों के बाद भी यहां की तहजीब को सुई के नोक के बराबर भी नुकसान नहीं पहुंचा पाए। भारत के सिद्धांत दुनिया भर के लिए चमकते सूरज और चांद जैसे हैं।
मंडलायुक्त के आवास पर पहुंचकर महामंडलेश्वर ने दिया आशीर्वाद
सहारनपुर। कार्यक्रम के पश्चात महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज दिल्ली रोड स्थित मंडलायुक्त संजय कुमार के आवास पर पहुंचे और उनको आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही उपहार के रूप में गमले में लगा पौधा दिया। महामंडलेश्वर ने पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संदेश दिया और अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की।
आशा माडर्न इंटर नेशनल स्कूल द्वारा आयोजित प्रान्तीय सम्मेलन में राष्ट्रगान गाते अतिथि- फोटो : SAHARANPUR
आशा माडर्न इंटर नेशनल स्कूल द्वारा आयोजित प्रान्तीय सम्मेलन में भाग लेते शिक्षक व टीचर- फोटो : SAHARANPUR