फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जैसा किताबों में पढ़ा था, भारत उससे कहीं अच्छा

विज्ञापन
रामपुर मनिहारान के गांव नैनखेड़ी में झील में बोट का आंनद लेती इटेलियन की शोध छात्रा इरेन तिवारीन? - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। गांव नैनखेड़ी में इटली से शोध करने आई महिला पर्यटक छात्रा इरेन तिवारीनी शोध के दौरान पहली बार भारत संस्कृति से रूबरू हो रही है। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति के बारे में उन्होंने कहा कि जैसे किताबों में पढ़ा था, वह उससे भी अधिक सुंदर है।
विज्ञापन

बता दें कि पर्यटन के रूप में विकसित किए जा रहे रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव नैनखेड़ी में 16 नवंबर को महिला पर्यटक इरेन तिवारीनी इटली से शोध के लिए गांव नैनखेडी पहुंची। इरेन तिवारीनी इटालियंस स्टूडेंट वोसरेजना यूनिवर्सिटी इटली से मास्टर डिग्री कर रही है जिसके एक पार्ट में ग्रामीण क्षेत्र में जाकर रिसर्च करना है। उन्होंने रामपुर मनिहारान के गांव नैनखेड़ी को रिसर्च के लिए इस लिए चुना है, उन्होंने इस गांव के कार्यक्रमों को टीवी चैनलों के माध्यम से देखा है। इरेन तिवारीनी ने पहले दिन सुबह ग्रामीणों के साथ योगा किया, साथ ही गांव के बीचों तालाब जो आज एक झील जैसा प्रतीत होती है, उसमें ग्रामीणों के साथ बोटिंग की। उन्होंने बताया कि उन्हें गांव में आकर बहुत अच्छा लगा। उन्हें लगता था कि गांव में उनकी भाषा को कोई समझ नहीं सकेगा, लेकिन गांव में छात्र-छात्राएं उनके साथ अंग्रेजी में बात कर रहे हैं। उनका कहना है वह हिंदी भाषा सीखने का प्रयास करेंगी। साथ ही उन्होंने भारत संस्कृति के हिस्सा कुल्हड़ में चाय, सूत कातने वाला गांधी का चरखा, चक्की, जैविक खेती की फसल इत्यादि से रूबरू हुई।
ग्राम प्रधान ने उन्हें गांव के स्वच्छता के बारे में बताते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता अभियान के कारण लोगों में साफ सफाई के प्रति जागरूकता आई है। उसी कारण ग्रामीणों के सहयोग से आज उनका गांव इतना सुंदर बन गया है। सोमवार को उन्होंने गांव में ग्रामीण विकास, गांव के वातावरण के आदि पर शोध शुरू कर दिया है। वह करीब एक माह गांव में रहकर शोध करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तव में उन्होंने गांव नैनखेड़ी में भारत दर्शन किया है। इस गांव को प्रथम द्रष्टया देखने से ही प्रतीत हो रहा है यहां के लोगों में प्यार, भाईचारा, भारतीय संस्कृति, देश प्रेम, परिश्रम, उन्नत कृषि आदि सब देखने को मिला है।

रामपुर मनिहारान में सुबह सवेरे झील किनारे योग में योग करती इरेन तिवारीनी- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें