सहारनपुर। प्रदेश के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 100 बेड तक की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अन्य चिकित्सीय सुविधाएं बढ़ाने की बात हुई है। मगर जिले की बात करें तो यहां अस्पतालों में बेड और सुविधाओं से ज्यादा तो चिकित्सकों की जरूरत है। इसलिए यदि डॉक्टर भी जल्द मिल जाएं तो सेवाएं और बेहतर हो सकेंगी।
दिमागी बुखार, कैंसर से लेकर कई गंभीर बीमारियों के कारण हर साल सुर्खियों में रहने वाले इस जिले में सिविल अस्पताल से लेकर सीएचसी को कवर करने के लिए कम से कम 242 चिकित्सकों की जरूरत है। मगर यहां आधे से भी कम 98 चिकित्सक ही उपलब्ध हैं। ऐसे में यदि अस्पतालों में बेड और सुविधाएं बढ़ भी गईं तो मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा क्योंकि इलाज के लिए चिकित्सक तो चाहिए हीं।
अभी तक 30 बेड वाली ही हैं सीएचसी
यूपी के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में 100 बेड तक के अस्पताल की व्यवस्था के बारे में कहा गया है। लेकिन जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 बेड तक ही ही व्यवस्था है। जिले में फिलहाल 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। मगर ये केंद्र भी चिकित्सकों और सहयोगी स्टाफ के लिए जूझ रहे हैं।
अभी दिल्ली, चंडीगढ़ तक जाते हैं गंभीर रोगी
गैर संचारी रोग कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी बताते हैं कि कैंसर, हृदय रोगी सहित गंभीर श्रेणी के अन्य रोगियों को फिलहाल चंडीगढ़, दिल्ली या मुंबई तक भी जाना पड़ता है। लेकिन लखनऊ में कैंसर संस्थान खुलता है तो कैंसर रोगियों के लिए कम से कम एक विकल्प मिल सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार यदि चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाएगी तो निश्चित रूप से चिकित्सक दिलाने पर भी प्रयास जरूर होंगे।
बजट पर ये बोले चिकित्सक...
- प्रदेश के बजट में चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी काफी कुछ किया गया है। इसलिए उम्मीद है कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी जरूर सुधार हो सकेेगा। चिकित्सा क्षेत्र लगातार नई चुनौतियों से जूझ रहा है। इसमें हर स्तर पर निरंतर सहयोग की जरूरत है।
- डॉ. रजनीश दहूजा, अध्यक्ष, आईएमए।
- कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह सहित अन्य जटिल बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। अब तो कोरोना वायरस तक के लिए अलर्ट होना पड़ रहा है। इसलिए निश्चित रूप से चिकित्सा क्षेत्र में अधिक से अधिक ध्यान देने की जरूरत है। सरकार ने कुछ हद तक ध्यान देने की कोशिश की है।
- डॉ. कलीम अहमद, पूर्व अध्यक्ष, आईएमए।
योगी सरकार ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए 919 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इससे यहां चिकित्सा क्षेत्र में नए शोध के साथ ही एमडी स्तर तक के चिकित्सक अधिक संख्या में उपलब्ध हो सकेंगे। इस यूनिवर्सिटी से निकलने वाले चिकित्सकों की सेवा प्रदेश के अन्य जनपदों तक पहुंचेगी।
- डॉ. संजीव मिगलानी, वरिष्ठ फिजीशियन।
डा संजीव मिगलानी- फोटो : SAHARANPUR
डा कलीम अहमद- फोटो : SAHARANPUR