शाकंभरी देवी मंदिर दर्शन करने गए कृषि एवं प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार दोपहर को छापा मारकर यमुना में हो रहा अवैध खनन का मामला पकड़ा। प्रभारी मंत्री के काफिले को देखकर खनन करने वालों में भगदड़ मच गई।
तीन जेसीबी और खनन से भरे करीब तीन दर्जन वाहनों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कई लोगों को भी हिरासत मेें लिया गया है। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक प्रभारी मंत्री ने ट्रैक्टर पर बैठकर उन क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जहां अवैध खनन हो रहा था। उन्होंने अफसरों से भी अवैध खनन को लेकर सख्त नाराजगी जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने भी बताया कि प्रतिदिन अवैध खनन से भरे सैकड़ों वाहन निकलते हैं, शिकायत करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती।
कृषि मंत्री की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बेहट, चिलकाना, सरसावा सहित यमुना किनारे के गांवों में धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। सूर्य प्रताप शाही सोमवार को शाकंभरी देवी के दर्शन करने गए थे। इस दौरान उनसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने डीएम और एसएसपी पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
मंदिर दर्शन कर लौटते समय प्रभारी मंत्री अचानक बेहट थाने पहुंचे तो वहां थाना प्रभारी मौजूद नहीं थे। फोन पर थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध खनन की शिकायत पर यमुना की तरफ गए हैं।
इसके बाद प्रभारी मंत्री ने अपना काफिला यमुना की तरफ मुड़वा दिया। यमुना किनारे के नानौली और बरथा कायस्थ घाट पर पहुंचते ही प्रशासन के दावों की पोल खुलकर सामने आ गई। मौके पर तीन जेसीबी, 10 डंपर, 10 बड़े ट्रक और करीब 50 ट्रैक्टर खड़े मिले और सब में खनन सामग्री भरी हुई थी।
प्रभारी मंत्री का काफिला पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। तीन डंपर और कुछ अन्य वाहनों को लेकर चालक भाग निकले। पुलिस उनके पीछे भागी मगर, वे हाथ नहीं आए। प्रभारी मंत्री के निरीक्षण और अवैध खनन के खुलासे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस-फोर्स पहुंच गई।