देवबंद(सहारनपुर)। कानपुर में आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर को लेकर हुए विवाद के बाद कस्बे में भी कई जगह पर इस तरह के पोस्टर और बैनर लगे हैं। हालांकि इसे लेकर मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि नबी से असल मोहब्बत यह है कि उनकी सुन्नत और अमल को जिंदगी में उतारा जाए।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसके साथ यह भी जरूरी है कि जिस काम को न करने के लिए कहा गया है उसे न करें। सिर्फ आई लव मोहम्मद लिखने से नबी की सुन्नत और उनके तरीके पर अमल नहीं होगा। कहा कि एक तरफ हम मोहम्मद साहब से मोहब्बत का इजहार कर रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी शिक्षा को दरकिनार कर जिंदगी गुजार रहे हैं। असल मोहब्बत यह है कि अल्लाह के रसूल ने जो बताया है उस पर पूरी तरह से अमल किया जाए। कहा कि फरमाया गया है कि जब इंसान अपने मां-बाप, औलाद, दौलत और भाई बहन से ज्यादा मोहम्मद साहब से मोहब्बत नहीं करेगा, उसका इमान कामिल (पूरा) नहीं होगा। उन्होंने मुस्लिम समाज से मोहम्मद साहब की शिक्षाओं को अपनी जिंदगी में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि यही उनसे असली मोहब्बत होगी।
यह था पूरा मामला
कानपुर से चार सितंबर को एक पोस्टर वायरल हुआ था, जिसमें लिखा था आई लव मोहम्मद। इसका हिंदू संगठनों ने विरोध किया था, जिसमें पुलिस की तरफ से 25 से अधिक युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद यह विरोध देशभर में फैल गया और लोग आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर, बैनर और स्टीकर लगाकर मोहम्मद साहब से मोहब्बत का इजहार कर रहे हैं।