सहारनपुर। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के अगले ही दिन दो स्कूलों के प्रबंधक डॉ. अशोक मलिक ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
दरअसल, डॉ. अशोक मलिक के दो विद्यालय संचालित हैं। एक बीडीएम पब्लिक स्कूल लेबर कॉलोनी और दूसरा भगवती देवी मेमोरियल स्कूल शामिल है। बेसिक शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की जांच में पाया गया कि दोनों स्कूलों में पंजीकृत छात्रों से अधिक संख्या दर्शाकर आरटीई के तहत होने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये का गबन किया है। उनपर करीब 17 लाख रुपये के गबन का आरोप है। ऐसे में उनसे नियमानुसार डबल यानी करीब 32.61 लाख रुपये की वसूली होनी है। मामले को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रबंधक डॉ. अशोक मलिक और प्रधानाचार्य सुषमा मलिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
उधर, बुधवार को डॉ. अशोक मलिक ने कोर्ट रोड स्थित एक शिक्षण संस्थान में पत्रकार वार्ता बुलाकर विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। मलिक का कहना है कि बीते चार साल से शिक्षा विभाग ने दोनों स्कूलों को करीब 108 बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति का एक रुपया भी नहीं दिया है। ऐसे में गबन कैसे हो गया। यह भी बताया कि प्रत्येक बच्चे का रिकॉर्ड यूडायस पोर्टल पर अपार आईडी के माध्यम से अंकित है। ऐसे में अतिरिक्त संख्या दर्शाने के आरोप बेबुनियाद हैं। यदि ईमानदारी से जांच की जाए तो पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। यह भी बताया कि वह जन सूचना अधिकार के तहत कई बार सूचनाएं विभाग से मांग चुके हैं, लेकिन विभाग नहीं दे रहा है, क्योंकि यदि जवाब दे दिया तो विभागीय अधिकारियों की करतूतों की पोल खुल जाएगी। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग पर मृतक आश्रितों को रुपया लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लिपिक बनाने सहित अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं।