- सफाई कर्मियों की नहीं कराई गई कोरोना जांच
- अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने भी सवाल उठाए
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी दफ्तर में दो कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सैंपल लिए गए हैं। मगर पिछले पांच माह से दिन-रात एक कर हॉटस्पॉट तक में सैनिटाइजेशन, दवाओं के छिड़काव और सफाई में जुटे सफाईकर्मियों की कोरोना जांच नहीं कराई गई है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने इस पर नाराजगी भी व्यक्त की है।
मार्च माह में कोरोना के मामले सामने आना शुरू हो गए थे। शहर भर में बड़ी संख्या में हॉटस्पॉट बनाए गए थे, जहां रहने वाले लोगों को घरों ही में रहने की इजाजत थी। कोई भी बाहरी व्यक्ति उक्त मोहल्लों में प्रवेश नहीं कर सकता था। बावजूद इसके नगर निगम के सफाईकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना उक्त इलाकों में गए और सैनिटाइज करने के साथ ही मोहल्लों में सफाई का कार्य किया। बीते पांच माह से शहर को सैनिटाइज करने, ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव करने तथा साफ सफाई अभियान की तरह चल रहा है। मगर अभी तक किसी भी सफाईकर्मी की कोरोना जांच नहीं कराई गई है।
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मेडिकल जांच तक नहीं होती
नियमानुसार सफाईकर्मियों की समय-समय पर कैंप लगाकर मेडिकल जांच होनी चाहिए, जिससे कि गंदगी में रहने से कोई संक्रमण या अन्य प्रकार की बीमारी उनमें ना फैले। मगर नगर निगम में लंबे समय से इस तरह की नियमित जांच भी नहीं हुई है।
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मेडिकल जांच का भी इंतजार: आजाद
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोनी आजाद का कहना है कि निगम के सफाईकर्मी पांच माह से नगरवासियों की सुरक्षा के लिए सैनिटाइजेशन, दवाओं का छिड़काव और सफाई कार्य कर रहे हैं। मगर उनकी जांच नहीं कराई जा रही है। उनका आरोप है कि नियमित मेडिकल जांच के लिए भी वह कई बार पत्र लिख चुके हैं मगर सफाईकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच कभी नहीं कराई जाती है।
वर्जन
सफाई कर्मियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए उन्हें च्यवनप्रकाश और विटामिन सी सहित जरूरी दवाएं भी दी जा रही हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सभी सफाईकमिऱयों की कोरोना जांच के लिए निर्देश दिया है। कुछ कर्मियों की जांच हुई है, बाकी की जल्दी ही जांच कराई जाएगी।
-- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त, नगर निगम