रविवार को समिति के पदाधिकारी ने मंदिर परिसर में बने प्राचीन कुएं की खुदाई कराई। इस दौरान कुएं से देवी-देवताओं की मूर्ति निकली हैं। समिति के अध्यक्ष अनिल त्यागी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित धींगड़ा ने बताया कि पूर्व सरकारों ने मंदिर बंद करा रखा था। इसके साथ ही मिट्टी डालकर मंदिर मूर्तियां होने के सबूत मिटा रखे थे। अब प्रशासन ने मंदिर खुलवाया, जो मूर्तियां निकली हैं, वे 150 साल पुरानी हैं और संगमरमर की हैं। इससे साफ है कि मंदिर प्राचीन है। इसकी जानकारी प्रशासन को भी दी गई है।
मराठा कालीन कार्यकाल का हो सकता है मंदिर
अध्यक्ष अनिल त्यागी का कहना है कि मंदिर मराठा कालीन हो सकता है। ऐसे कुछ प्रमाण मिले हैं। इसको लेकर भी केंद्र और प्रदेश सरकार से मांगकर इतिहासकारों से सर्वे कराया जाएगा।