सहारनपुर में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से नानौता आैर बड़गांव में दो जगहों पर मकान की छत गिर गई जिसमें अाठ लोग घायल हो गए। उधर, लखनौती में मकान धराशायी हो गया।
यहां मलबे के नीचे दबकर दंपति और द बच्चेय घायल हो गए। गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। नानौता के मोहल्ला शेखजादगान स्थित (सैनियों के बगड़) निवासी ताराचंद सैनी पुत्र बारू सैनी का कड़ियों का कच्चा मकान है।
बरसात के कारण शनिवार की रात ताराचंद सैनी अपनी पुत्री सोनिया के साथ घर के बरामदे में सो रहा था। रात में करीब 12:30 बजे बरामदे की कडियां तेज आवाज के साथ भरभरा कर उनके ऊपर गिर गई। अचानक छत गिरने से आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
छत के मलबे में दबे ताराचंद सैनी व उसकी पुत्री सोनिया के चीखनेकी आवाज सुनकर पड़ोस के लोग उनके घर की ओर दौड़ पड़े। पड़ोसियों द्वारा पिता-पुत्री को मलबे से बाहर निकाला गया।
गंभीर रूप से घायल पिता-पुत्री को उपचार के लिए सीएचसी नानौता पर लाया गया। जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। मकान की छत गिरने से घर में रखा खाने पीने तक का सामान नष्ट हो गया। पीड़ित ताराचंद सैनी ने तहसील प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
बड़गांव। तेज बारिश के चलते क्षेत्र के नन्हेडा खुर्द गांव में शनिवार की शाम एक मजदूर परिवार के मकान की छत भरभरा कर गिर गई। मलबे में दबने से दो महिलाएं दबकर घायल हो गई। घायल अवस्था में उन्हें देवबंद चिकित्सालय में भर्ती कराया।
रविवार सुबह गांव नन्हेड़ा खुर्द गांव में मनोज पुत्र समय सिंह कश्यप के मकान की छत उस समय भरभराकर नीचे आ गिरी जब मनोज की 30 वर्षीय पत्नी सोनम एवं उसकी 22 वर्षीय साली पिंकी बराबर वाले कमरे में बैठी शाम के खाने की तैयारी में लगी थी।
मलबे में दबने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल में पिंकी की हालत नाजुक बताई जा रही है। पीड़ित मनोज का कहना है कि कमरे के अंदर रखा समस्त घरेलू सामान खराब हो गया।
पीड़ित ने एसडीएम से मिलकर एक लाख से ज्यादा रुपये का नुकसान होने की बात कहते हुए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। रविवार की दोपहर बाद गांव उमरी मजबता में शमीम पुत्र यासीन के मकान में लगा बीम टूट जाने से पूरी छत भरभराकर नीचे आ गिरी।
इस दौरान नीचे खाना खाने बैठी 65 वर्षीय रोशनी पत्नी यासीन, खाना परोस रही शमीम की 35 वर्षीय पत्नी गुलशाना और उनके पास बैठा 12 वर्षीय बेटा समर मलबे में दब गए।
इस दौरान तेज आवाज सुनकर पड़ोसियों ने मौके पर पहुंच कर मलबे के नीचे दबे तीनों लोगों को बमुश्किल बाहर निकाला और देवबंद के किसी अस्पताल में भर्ती कराया।
पीड़ित शमीम का कहना है छत के मलबे में कमरे के अंदर रखा समस्त घरेलू मकान दबकर पूरी तरह से नष्ट हो गया। इससे उसे करीब दो लाख का नुकसान हुआ है।
लखनौती। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दो मकान गिरने से दंपति समेत तीन बच्चे घायल हो गए। घायलों का गांव में ही इलाज कराया गया। यमुना नदी में हथनी कुंड से पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर आ गई है।
इससे हरियाणा का नदी के रास्ते यूपी से संपर्क कट गया है और यमुना नदी के किनारे हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। रुक रुककर लगातार हो रही बारिश से कच्चे तो दूर की बात पक्के मकान तक टपकने लगे हैं।
लखनौती निवासी सुखबीर सिंह का जर्जर मकान रविवार को गिर गया। इसके मलबे में दबने से तीन बच्चों समेत दंपति मलबे में दब गए। मकान गिरने की आवाज सुन कर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने भारी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला।
घायलों का गांव में ही उपचार कराया गया। इसके अलावा गांव बिश्नोट निवासी जनक सिंह का गांव गांधीनगर में बना नवनिर्मित मकान भी ढह गया।
देवबंद। भारी बारिश से ईस्माईलपुर गुर्जर के कई घरों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाने के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ जाने लगे हैं। ग्रामीण सुलेंद्र, रणबीर, कुरड़ी, परोज, तेजपाल, सुखपाल, राजेश, ठाठ सिंह, गोरधन, पोनी, शीशपाल, बाबूराम, नैन सिंह, शिवकुमार, सतीश,
करेशन, नीटू, जितेंद्र, रामप्रसाद, पहल सिंह आदि ने बताया कि उनके लिए तो बरसात तबाही लेकर आई है। घरों में कई-कई फीट पानी भर गया है, जिससे भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रह रहे लोग उन्हें अपने यहां पनाह दे रहे हैं।