सहारनपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सबसे अहम यह है कि शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता कैसी है। होम्योपैथी भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है। ताकि संक्रमित होने से बचा जा सके और संक्रमित होने के बावजूद कोरोना को हराया जा सके।
वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. पीडी गर्ग बताते हैं कि होम्योपैथिक दवाएं शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती हैं, इससे रोगों से बचा जा सकता है। दवाइयों का उपयोग उपचार एवं संक्रमण से बचाव के लिए भी किया जा सकता है। समय रहते बचाव कर लेने पर गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
वैसे कोरोना संक्रमण का खतरा सामान्य तौर पर उन लोगों को अधिक है, जिनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। कोरोना पॉजिटिव होने पर लक्षणों के आधार पर कुछ महत्वपूर्ण होम्योपैथिक दवाइयां हैं जो दी जा सकती है। जैसे ब्रायोनिया एलवा, पलसैटिला, काली ग़्रुप, आरसैनिक एल्बम, एंटिना टारट, सैलिशिया, लाइकोपोडियम, कैंफर सल्फर आदि हैं। इन दवाओं का इस्तेमाल भी प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए। होम्योपैथिक दवाइयां किसी भी स्थिति या बीमारी के इलाज के लिए प्रभावी हैं।