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पश्चिमी यूपी में मिसाल है ‘होल्ला मोहल्ला’

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नानौता में होल्ला मोहल्ला के मददेनजर गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की सजावट करते ज्ञानी जी - फोटो : SAHARANPUR
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नानौता (सहारनपुर)। वक्त बदलता गया, आधुनिकता के दौर में कई परंपराएं छूटती गईं पर जनपद के नानौता में सिख समाज 72 वर्षों से होली पर बदस्तूर धार्मिक आयोजन करता आ रहा है। होली पर इस मिठास भरे आयोजन में उत्तरप्रदेश ही नहीं कई प्रांत के लोग उल्लास के साथ होल्ला मोहल्ला में शिरकत करते हैं। पश्चिमी यूपी में यह आयोजन केवल नानौता में ही होता है। इस बार यह आयोजन आठ मार्च से शुरू होगा और 10 मार्च को होली वाले दिन नगर कीर्तन के साथ इसका समापन होगा।
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नानौता के होल्ला मोहल्ला में गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्रीअखंड पाठ, शबद कीर्तन तथा नगर कीर्तन (शोभायात्रा) का आयोजन होता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एकमात्र नानौता में ही होल्ला मोहल्ला पर्व पर नगर कीर्तन निकाला जाता है। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान तीन दिन तक गुरुद्वारा परिसर में गुरु के अटूट लंगर का भी आयोजन होता है। जहां नगर में होली के पवित्र त्योहार को लेकर विभिन्न प्रकार की तैयारियों के साथ होली पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है, वहीं सिख समाज की ओर से गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु नानक देव सिंघ सभा में तीन दिवसीय होल्ला मोहल्ला पर्व का आयोजन किया जाता है। जिसमें पंज प्यारों की अगुवाई में एक नगर कीर्तन भी निकाला जाता है। होल्ला मोहल्ला के धार्मिक पर्व पर पश्चिम उत्तर प्रदेश में केवल नानौता में ही नगर कीर्तन निकाला जाता है।
72 साल पहले शुरू हुआ था आयोजन
होल्ला मोहल्ला पर धार्मिक दीवान व नगर कीर्तन सर्वप्रथम 1947 में गुरुद्वारा के संस्थापक व उस समय के नगर व क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक सरदार झंडा सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ जो आज भी जारी है। यह आयोजन तीन दिन तक होता है। पहले दिन गुरुद्वारा परिसर में श्रीगुरु ग्रंथ साहिब जी के श्रीअखंड पाठ से कार्यक्रम की शुरूआत होती है। दूसरे दिन गुरुद्वारा साहिब परिसर में शोभायमान निशान साहिब जी के चोले की सेवा होती है तथा श्रीअखंड पाठ साहिब जी के मध्य के भोग की अरदास होती है। तीसरे दिन सुबह ही गुरुद्वारा परिसर में शब्द कीर्तन के माध्यम से आसा दी वार कीर्तन तदुपरांत श्रीगुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ की समाप्ति के बाद गुरुद्वारा परिसर में धार्मिक दीवान का आयोजन किया जाता है। तत्पश्चात गुरुद्वारा परिसर से पंज प्यारों की अगुवाई में एक नगर कीर्तन निकाला जाता है।
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भक्तिमय हो जाता है नगर का पूरा माहौल
नगर कीर्तन में शामिल कीर्तन मंडली, बैंड बाजे जहां एक ओर धार्मिक भजनों व शबद कीर्तन से माहौल को भक्तिमय कर देते हैं। वहीं, दूसरी ओर नगर कीर्तन में शस्त्र विद्या का कौशल दिखाते हुए गतका पार्टी अपने हैरतअंगेज कारनामों से लोगों को आश्चर्यचकित कर देती हैं। नगर में सिख समाज की ओर से होल्ला मोहल्ला का पर्व पिछले 72 वर्षों से लगातार मनाया जा रहा है। आज के दिन ही गुरु गोविंद सिंह ने बिगड़े होली के पवित्र त्योहार को सुधारने तथा सिखों में शक्ति का संचार करने के लिए शस्त्र धारण कराए।
कई प्रांत के लोग करते हैं शिरकत
होली (फाग) वाले दिन होल्ला मोहल्ला पर निकलने वाला नगर कीर्तन पश्चिम उत्तर प्रदेश में केवल नानौता में निकाला जाता है। इस तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, उत्तराखंड आदि से साध संगत धर्म लाभ उठाते है। इस धार्मिक कार्यक्रम में सभी धर्म के लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते है।
गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह खालसा ने बताया कि नगर में 72 वां सालाना कीर्तन धार्मिक दीवान कार्यक्रम की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत 8 मार्च को सुबह 10 बजे गुरुद्वारा परिसर में श्रीगुरु ग्रंथ साहिब जी के श्रीअखंड पाठ साहिब के साथ ही कार्यक्रम के आरंभ होगा। धार्मिक कार्यक्रम में रागी जत्था भाई गुलजार सिंह यमुनानगर वाले, इंटरनेशनल ढाडी जत्था बीबी राजवंत कौर, रागी जत्था भाई रविंदर सिंह दिल्ली वाले, श्री गुरु तेग बहादर कीर्तनी जत्था करनाल सहित अनेक रागी, ज्ञानी व प्रचारक होल्ला मोहल्ला पर्व पर प्रकाश डालते हुए संगत को निहाल करेंगे।

गुरुद्वारा प्रधान भूपेंद्र सिंह खालसा- फोटो : SAHARANPUR

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