बेहट (सहारनपुर)। अमर उजाला के अभियान हिंदी है हम के अंतर्गत जनहित इंटर कॉलेज में ऑनलाइन भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।
इस दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार सैनी ने कहा कि जन्म लेने के बाद मानव जो प्रथम भाषा सीखता है, उसे उसकी मातृभाषा कहते हैं। मातृभाषा, किसी भी व्यक्ति की सामाजिक एवं भाषाई पहचान होती है। इसी तरह हिंदी भी हमारी मातृभाषा है और हमारी पहचान भी है। हिंदी की प्रवक्ता प्रियंका कुमारी ने कहा, कि हिंदी हमें राष्ट्रीयता से जोड़ती है और देश प्रेम की भावना से उत्प्रेरित करती है। अध्यापक मंसूर खान व प्रिंस शर्मा ने कहा कि सच तो यह है कि मातृभाषा आत्मा की आवाज है। इसलिए गांधी देश की एकता के लिए यह आवश्यक मानते थे। अंग्रेजी का प्रभुत्व शीघ्र समाप्त होना चाहिए। भाषा अभिव्यक्ति के लिए आवश्यक है। अध्यापिका निशि धीमान के कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और हम हिंदी बोलते हैं इस पर हमें अपने आप को गौरवान्वित महसूस करना चाहिए। ऑनलाइन प्रतियोगिता में कक्षा 12 की तनीषा मित्तल, अनुराग, कक्षा 10 की एलिस व कक्षा 11 के अबुजर पुरस्कार के लिए चयनित किए गए।
स्कूलों में लगने चाहिए लघु हिंदी पुस्तक मेले
सहारनपुर। मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ब्रजेश शर्मा का कहना है कि हिंदी भाषा के उत्थान की खातिर पंडित मदनमोहन मालवीय, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जैसे प्रयास होने आवश्यक हैं। स्कूलों में लघु हिंदी पुस्तक मेलों का आयोजन होना चाहिए। सरकारी और निजी विद्यालयों में इसके आयोजन प्राथमिकता के आधार पर हों। सामाजिक संस्थाओं को भी इसके लिए आगे आना होगा।
तनीषा मित्तल- फोटो : SAHARANPUR
अबुजर- फोटो : SAHARANPUR
एलिस- फोटो : SAHARANPUR