उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सभी विद्यालयों को मंगलवार को निर्देश दिए गए हैं कि तुरंत दसवीं के छात्रों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंक अपलोड कर दिए जाएं।
यूपी बोर्ड हाई स्कूल की परीक्षाएं पहले ही रद की जा चुकी हैं। विभाग ने सभी माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल के विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा और प्रयोगात्मक परीक्षाओं आदि के अंक 20 मई तक अपलोड करने को कहा है। मगर वेबसाइट बंद होने की वजह से ज्यादातर विद्यालय अंक अपलोड नहीं कर सके हैं।
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उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सभी विद्यालयों को मंगलवार को निर्देश दिए गए हैं कि तुरंत दसवीं के छात्रों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंक अपलोड कर दिए जाएं। चंद घंटों में अंक अपलोड करना संभव नहीं है। यदि विद्यालयों ने अंकों केे अपलोड करना चाहा भी है तो एक वेबसाइट साथ नहीं दे रही है। मलिक ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दूबे से फोन पर बात कर विद्यालयों की ओर से आपत्ति दर्ज करा दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने निदेशालय में बात कर अंक अपलोड करने के लिए समय दिलाने का आश्वासन दिया है।
फीस वापस कराने की मांग
डॉ. अशोक मलिक की मांग है कि यदि माध्यमिक शिक्षा परिषद हाई स्कूल की परीक्षाएं नहीं करा रही है तो विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जो प्रत्येक छात्र से 700 रुपये लिया गया है वापस किया जाए। उन्होंने बताया कि अकेले सहारनपुर से हाई स्कूल के करीब 40 हजार विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क के रूप में करीब दो करोड़ 80 लाख रुपया लिया गया है। जो एक-एक विद्यार्थी को वापस किया जाना चाहिए।
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वित्तविहीन विद्यालय महासभा ने भी जताया एतराज
बेहद कम समय में छात्रों के अंक वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के निर्णय पर माध्यमिक वित्त विहीन विद्यालय महासभा ने भी एतराज किया है। महासभा के जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा व जिला महासचिव पंकज गर्ग ने कहा कि सीबीएसई की तर्ज पर बिना किसी कार्ययोजना के यह निर्णय सही नहीं है, इसके लिए पहले प्रधानाचार्यों से वर्चुअल मीटिंग कर सुझाव लिए जाने थे तथा अंक अपलोड करने के लिए एक महीने का समय दिया जाना चाहिए था। साथ ही जो छात्र किसी कारणवश अर्द्धवार्षिक परीक्षा या प्री बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए थे, उनके लिए कार्ययोजना बननी चाहिए थी।
हाईस्कूल के विद्यार्थियों के अंक अपलोड करने की अंतिम तिथि 20 मई है। ऐसे में विद्यालयों के पास पर्याप्त समय है। रही बात वेबसाइट बंद होने की तो कुछ जगहों पर ऐसा हुआ होगा। फिर भी शिक्षकों की आपत्ति पर निदेशालय को अवगत करा दिया गया है। -डॉ. अरुण कुमार दूबे, डीआईओएस