सहारनपुर। मौसम के मौजूदा हाल ने कंपकंपी छुड़ा दी है। 24 घंटे के भीतर न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आई है तो शीत लहर भी चल रही है। इससे आम जनजीवन भी प्रभावित हो गया है। ऐसे में विंटर डायरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं, जिसके चलते डाक्टर बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत बता रहे हैं।
बीते कई दिन से मौसम लगातार बदल रहा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस था जो बुधवार को घटकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं अधिकतम तापमान भी 18.5 से घटकर 12.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। ठंड में इजाफे का बड़ा कारण अधिकतम तापमान में आई गिरावट है। ऊपर से शीत लहर चल रही है, जिससे परेशानी बढ़ गई है।
चमका ऊनी कपड़ों का कारोबार
सर्दी में इजाफा होने के साथ ही ऊनी कपड़ों के कारोबार में भी तेजी आ गई है। बाजार में लोग मफलर, जैकेट, कैप, दस्ताने (ग्लब्ज) आदि खरीद रहे हैं। ऊनी कपड़ों के व्यापारी सचिन मिनोचा और मोहित खुल्लर का कहना है कि बीते दो दिन से कारोबार बढ़ा है। फुटकर विक्रेताओं द्वारा पहले से ज्यादा डिमांड आ रही है। उन्होंने बताया कि थोक बाजार में ग्लब्स थोक 80 से 450 रुपये तक, मफलर 50 से 250 रुपये तक, लेडिज वुलन स्टॉल 150 से 550 रुपये, कैप का दाम 45 से 350 रुपये तक है।
रोजाना पहुंच रहे विंटर डायरिया के मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में एक से 16 दिसंबर तक 471 मरीज बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। विंटर डायरिया के छह मरीज वार्ड में भर्ती भी हैं, जबकि अन्य मरीजों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इनके अलावा इमरजेंसी में भी एक व्यक्ति को विंटर डायरिया की शिकायत के कारण भर्ती किया गया। रोजाना ही विंटर डायरिया के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर एके चौधरी का कहना है कि इस मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखें, बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें और उपचार कराएं।
बीते छह दिन में तापमान की स्थिति
तारीख ----- न्यूनतम ---- अधिकतम
10 दिसंबर -- 10.0 ---- 27
11 दिसंबर -- 8.8 ------ 26
12 दिसंबर -- 12.0 ----- 22
13 दिसंबर -- 07 ------- 20
14 दिसंबर -- 10 ------- 16
15 दिसंबर -- 10.4 ----- 18.5
16 दिसंबर -- 6 ---------12.5
विंटर डायरिया के लक्षण और बचाव के उपाय
विंटर डायरिया बीमारी बच्चों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। रोटा वायरस के कारण यह बीमारी फैलती है। बच्चे को उल्टी, दस्त, दवाइयों का असर न होना, शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, भूख न लगना आदि परेशानी शुरू हो सकती है। बुखार आना भी मुख्य लक्षण है।
सर्दियों में बच्चों की विशेष देखभाल करनी चाहिए। बच्चों को गुनगुना और तरल पदार्थ वाले खाना अधिक देना चाहिए। बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। डायरिया या दस्त होने पर मूंग की दाल की खिचड़ी के अलावा दही, ओआरएस घोल देते रहना चाहिए।
सहारनपुर में घने कोहरे में सुबह सात बीस पर ठिठरती ठंड में अपने कार्य को जाते- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में घने कोहरे में कोर्ट रोड पुल से सुबह सात बीस पर ठिठरती ठंड में अपने कार्य को जाते- फोटो : SAHARANPUR
हारनपुर में घने कोहरे में सुबह सात बीस पर ठिठरती ठंड में अपने कार्य को जाते- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में घने कोहरे में ठिठरती ठंड में रेलवे रोड़ पर अलाव का सहारा लेते लोग- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर में घने कोहरे में सात बजकर चालीस मिनट पर देहरादून रोड़ की और से आते लोग- फोटो : SAHARANPUR