सहारनपुर। सर्दियां शुरू होते ही लोगों के दिल की धड़कनें गड़बड़ाने लगी हैं। आलम यह है कि फिजीशियन के पास पहुंचने वाले मरीजों में 40 फीसदी तक उच्च रक्तचाप की शिकायत वाले मरीज हैं। चिकित्सकों की मानें तो उच्च रक्तचाप की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। ऐसे में मरीजों को सही खानपान और इलाज कराना चाहिए।
एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि मौसम के बदलाव के दौरान बीमारियों का बढ़ना आम बात है। ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 70 से 80 मरीजों को उच्च रक्तचाप की शिकायत है। उनका कहना है कि आती और जाती सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले ज्यादा होते हैं, क्योंकि लोग लापरवाही बरतते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि मौसम परिवर्तन के साथ इंसान खासकर मरीजों को भी अपनी दिनचर्या और खानपान में बदलाव करना चाहिए। खासकर दिल के मरीज असावधानी ना बरतें। उन्होंने भी उनकी ओपीडी में 40 से 45 फीसदी मरीजों में उच्च रक्तचाप की शिकायत होने की बात कही।
सबसे अधिक इनको होता है उच्च रक्तचाप
- अधिक नमक खाने वाले और मोटे लोग।
- धूम्रपान करने वालों और अत्यधिक शराब पीने वाले।
- डायबिटीज के मरीजों और अधिक गुस्सा करने वाले।
- व्यायाम नहीं करने वाले या फिर आनुवंशिक भी होता है।
उच्च रक्तचाप के लक्षण
- सिर में दर्द रहना और चक्कर आना।
- दिल का घबराना और उल्टी आना तथा छाती में दर्द होना।
उच्च रक्तचाप के दुष्प्रभाव
- दिल का दौरा पड़ना या दिल का फेल हो जाना।
- गुर्दे फेल होना या हाथों और पैरों का फूल जाना।
- आंखों का पर्दा खराब होना और आंख में खून का जमना।
- नसों में जमाव के कारण टांगों में दर्द या नाक की नस फटना।
दिल के मरीज यह ना खाएं
- वनस्पति घी, तली हुई चीजें जैसे समोसा पूरी आदि।
- पिज्जा, बर्गर, चाऊमीन, मोमोज आदि खाने से बचें।
- बकरे का मीट अंडे का पीला भाग।
- अचार, मक्खन, मैदा, मलाई वाला दूध।
लाभदायक आहार
- हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, ताजेफल।
- साबुत और छिलके वाली दालें, ब्राउन ब्रेड, ब्राउन राइस।
- गेहूं के आटे के साथ चने और जौ का आटा मिलाकर रोटी खाएं।
- प्याज और लहसुन।