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Saharanpur News: सप्ताह के पहले दिन हार्ट का खतरा सबसे ज्यादा

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सहारनपुर। हार्ट अटैक किसी व्यक्ति को किसी भी समय आ सकता है। सरकारी और निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों के आंकड़ों बताते हैं कि सप्ताह में सोमवार का दिन हार्ट अटैक को लेकर ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। इसी दिन सप्ताह के सर्वाधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। 30 महीने में सरकारी अस्पतालों में हार्टअटैक के 813 मरीज पहुंचे। इनमें से 695 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया।
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हर साल 29 सितंबर को विश्व हार्ट दिवस मनाया जाता है। जिले में हार्ट के मरीजों की संख्या हर साल बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक एसबीडी जिला अस्पताल और सीएचसी पर हार्टअटैक के 335 मरीज पहुंचे। इनमें 216 पुरुष, 119 महिला शामिल हैं। 298 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। 37 मरीजों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज हुआ। इसी तरह एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 248 पुरुष, 161 महिला को हार्टअटैक आया। इनमें से 343 मरीजों को रेफर करने की नौबत आई। 66 मरीजों का सरकारी अस्पताल में इलाज हुआ। एक अप्रैल 2026 से 31 अगस्त तक 47 पुरुष और 22 महिलाएं सरकारी अस्पतालों में पहुंची। इनमें से 54 को हायर सेंटर रेफर किया गया।


सप्ताह के पहले दिन हार्टअटैक आने की कई वजह
एसबीडी जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि स्टडी में सामने आ चुका है कि सप्ताह के पहले दिन अन्य दिनों के मुकाबले 15 से 20 फीसदी मामले हार्टअटैक के अधिक आते हैं। ओपीडी में हर सप्ताह नए-पुराने 15 से 20 मरीज आ रहे हैं। सोमवार को हार्टअटैक आने के कई कारण हैं। छुट्टी के बाद अक्सर तनाव होता है। चाहे वह नौकरी का तनाव हो या फिर कहीं बाहर जाने का। इसके अलावा गलत खानपान भी हार्टअटैक का कारण है। तनाव से बीपी बढ़ता है। शुगर मरीजों के पेट के ऊपरी व छाती के बीच में दर्द हो तो जांच अवश्य कराएं।
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हार्टअटैक में शुरुआती तीन घंटे बेहद महत्वपूर्ण
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि यूं तो स्टडी में भी सामने आ चुका है कि सोमवार को हार्टअटैक का खतरा हो सकता है। अस्पताल में अक्सर सोमवार को इस तरह के केस आते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को छाती के बीचों-बीच दर्द होकर दोनों बाजुओं में जाए और साथ में उल्टी हो तो सतर्क रहें। सांस फूलना और छाती के दर्द के साथ पसीना या उल्टी आना भी हार्टअटैक के लक्षण हैं। इसमें शुरुआती तीन घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके मुख्य कारण अत्यधिक शराब का सेवन, मोटापा, हाई बीपी और धूम्रपान है। दिल के मरीजों को वनस्पति घी, तली चीजें, समोसा, पूरी, पिज्जा, चाऊमीन, मोमोज, मीट, अचार, मक्खन, मैदा और मलाई वाला दूध नहीं लेना चाहिए। पूरी या पकौड़ी आदि में इस्तेमाल तेल दोबारा किसी सब्जी में न डालें। इससे हार्ट की एंडोथिलियम कमजोर हो जाती है।
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