सहारनपुर। मौसम में बदलाव के साथ दिल के मरीजों को सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि सुबह और शाम को मौसम ठंडा होने लगा है। ऐसे में दिल के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में 10 से 15 मरीज ही पहुंचते थे। वहीं, निजी चिकित्सकों के यहां भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
सर्दी के साथ दिल के रोगियों को दिक्कत होने लगी है। चिकित्सकों के अनुसार सर्दी में रक्त वाहिनियां संकरी हो जाती हैं। ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, जो दिल के मरीजों के लिए परेशानी की वजह बनता है, जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है, उनके लिए मौसम ज्यादा खतरे वाला है। ऐसे रोगियों को घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, सीने में दर्द, जकड़न , सांस फूलना, अचानक पसीना आना और फिर ठंड लगने की दिक्कत होती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन अनिल वोहरा का कहना है कि इन बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तत्काल चिकित्सक की सलाह के अनुसार इलाज कराएं। दिल के मरीज नियमित अपनी दवाओं का सेवन करते हैं। समय-समय पर चेकअप कराएं। सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलने से बचें। उनका कहना है कि मरीजों की संख्या पिछले दिनों की अपेक्षा बढ़ी है।
यह ह्दयाघात के लक्षण
- अचानक सीने में दबाव पड़ना और दर्द होना
- थकान और घबराहट होना
- सांस लेने में परेशानी होना
- ज्यादा पसीना और चक्कर आना
- पैर में सूजन रहना, हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर
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बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- सुबह जल्दी उठकर नहाने से बचें
- गर्म पानी का सेवन करें और दवाएं लेते रहें
- गर्म कपड़े पहनें और सिर व मुंह को ढककर रखें
- कम से कम दो से तीन घंटे धूप लें
- तैलीय, अधिक नमक, मिर्च-मसालों से बना भोजन न खाएं