बड़गांव (सहारनपुर)। एंबुलेंस चालक द्वारा प्रसव पीड़िता को सड़क पर छोड़ने और नवजात की मौत का मामला सुर्खियों में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को 102 एंबुलेंस प्रभारी व नानौता सीएचसी से चिकित्सकों की टीम ने पीड़ित परिवार एवं बड़गांव पीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।
बता दें कि बृहस्पतिवार को गांव बहेड़ा निवासी गर्भवती सोनिया पत्नि सोनू कश्यप को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल ले जा रहे एंबुलेंस सेवा 102 के चालक ने बीच रास्ते में नीचे उतार दिया था। परिजन किसी तरह प्रसव पीड़िता को लेकर बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे, लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। एंबुलेंस सेवा प्रभारी जितेंद्र व नानौता सीएचसी से चिकित्सक डॉ. प्रमोद कुमार पहले बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे जहां उन्होंने स्टाफ नर्स से मिलकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद पीड़ित महिला के परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए घटना के प्रति गहरा दुख प्रकट किया।
एंबुलेंस सेवा प्रभारी जितेंद्र ने बताया कि पीड़ित परिवार ने उन्हें कोई कॉल नहीं की थी। एंबुलेंस चालक उस समय दूसरे केस को लेकर जड़ौदा पांडा जा रहा था। प्रसव पीड़िता के रास्ते में मिलने की वजह तथा उसके द्वारा बड़गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाने की जिद पकड़ने के कारण उसे नीचे उतारा गया है।