सहारनपुर। सांगाठेड़ा में हुए जघन्य हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए योगेश से भाजपा ने भी पल्ला झाड़ लिया। योगेश ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष के साथ भी अभद्रता की थी और बूथ खर्च में भी घपला किया था।
जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि योगेश रोहिला पहले कई बार विवादों में रह चुका है। योगेश ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप के साथ अभद्रता की थी, जिसके चलते उसे 2019 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इससे पहले भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा था। काम कराने के बहाने लोगों से रुपये लेता था। यहां तक कि पार्टी की तरफ से मिलने वाले बूथ खर्च में भी घपला किया था। अब उसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।
अगर उसने अब भी अपने घर के बाहर नेम प्लेट पर भाजपा नेता लिखवा रखा है तो वह गलत है। संगठन की तरफ से उसके बारे में जानकारी मांगी गई थी, जिसके बारे में अवगत करा दिया गया है। योगेश एक समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सदस्य रहा है। लंबे समय तक भाजपा जनता युवा मोर्चा में जिला उपाध्यक्ष रहा।