सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सोनम वांगचुक के आंदोलन और उनके अनशन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मीडिया को दिए बयान में उन्होंने कहा कि विपक्ष के 45 सांसदों के मिलने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अनशन नहीं तोड़ा, लेकिन दो केंद्रीय मंत्रियों के पहुंचने पर वह मान गए। इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या बात हुई कि दो मंत्रियों के मिलने के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया।
सांसद ने कहा कि विपक्ष की ओर से लगातार सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की जा रही थी। फिर भी उन्होंने अनशन नहीं तोड़ा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सोनम वांगचुक को पहले चीनी एजेंट तक कहा गया था, लेकिन आज भाजपा उनकी सबसे बड़ी समर्थक बन गई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलन के मुद्दे पर निर्णायक परिणाम सामने आना चाहिए। उन्होंने सरकार की ओर से तेज सुनवाई वाली अदालतें बनाए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। कहा कि किसी मामले में फैसला तभी आएगा, जब आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। क्या पिछले मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बातें और बहाने बना रही है।
इमरान मसूद ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार देश को अशिक्षित बनाना चाहती है और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर देश को उसी स्थिति में रखना चाहती है, जहां वह पहले था।