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हाईकोर्ट के आदेश पर की जांच, मिली खामी

Sun, 28 Aug 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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जांच करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के गंगोह में हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में डीएम के निर्देश पर जांच टीम ने गंगोह ब्लाक के गांव ठोल्ला फतेहपुर में पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच की। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं में धन की बदंरबाट के आरोप लगाए। 
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 बता दें कि दो वर्ष पूर्व गांव निवासी ललित कुमार पुत्र साधुराम ने डीएम एवं मंडलायुक्त को पत्र लिखकर तत्कालीन ग्राम प्रधान के द्वारा गांव में विकास कार्यों के नाम पर धांधली कर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाया था।

ग्रामीणों ने जांच की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार साल में 6 बार जांच टीम मौके पर आई, परंतु ग्राम प्रधान, सचिव और पंचायत मित्र टीम के समक्ष साक्ष्यों को प्रस्तुत नहीं कर सके। 
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 इसके चलते जांच अधर में लटकी रही। सुनवाई नहीं हो पाने पर शिकायतकर्ता ने 30 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट संख्या 16698 दाखिल कर मामले में कार्रवाई की मांग की।

जिसका संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने 22 जुलाई को डीएम को एक माह के भीतर समस्त साक्ष्यों के साथ कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये थे। शनिवार को गांव पहुंची जांच टीम ने पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा किये गये विकास कार्यों की जांच की।

ग्रामीणों के अनुसार न तो कब्रिस्तान में 430 मीटर लंबा खड़ंजा निर्माण पाया गया तथा न ही 382 मीटर लंबे मार्ग पर मिट्टी कार्य मिला। जबकि 12 लाख 4 हजार 340 रुपये की लागत के साथ इनका निर्माण दर्शाया गया है।

 टीम ने जब सचिव और पंचायत मित्र से ग्राम सभा के समस्त दस्तावेज दिखाने को कहा तो दोनों ने रिकार्ड मौजूद नहीं होने की बात कही। ग्रामीणों के अनुसार उक्त दोनों कर्मचारियों ने बताया कि ग्राम सभा के दस्तावेज, परिवार रजिस्टर तक पूर्व प्रधान के कब्जे में जो कि उसने देने से इंकार कर दिया है।

रिकार्डों के अभाव में शिकायतकर्ता के दस्तावेजों से ही टीम ने जांच कार्य किया। ग्रामीण साधुराम, अनिल कुमार, सुबोध, सुलेखचंद आदि का आरोप है कि नाजिम पुत्र रियाजुल खां के पास बुग्गी, ट्रैक्टर आदि कोई साधन नही है, फिर भी उसे मनरेगा के तहत 45,000 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। आरोप लगाया कि प्रधान ने सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से धन की वसूली की है।

 जांच टीम में सहायक आयुक्त एवं सहायक अभियंता हरिंद्र सिंह, अपर जिला सहकारी अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, एमडी श्यामसिंह शामिल रहे। ग्राम प्रधान देशराज सिंह, पद्मसिंह, पूर्व ग्राम सचिव इसमसिंह, ग्राम सचिव योगेंद्र सिंह, पंचायत मित्र आदि मौजूद रहे।
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