सहारनपुर। सपा के नगर विधायक और पूर्व मंत्री संजय गर्ग के विधानसभा में अवैध खनन का मुद्दा उठाए जाने के बाद सहारनपुर में अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। विधानसभा में मुद्दा उठाने और उस पर संसदीय कार्यमंत्री के उच्च स्तरीय जांच के आश्वासन के बाद मामला गंभीर हो सकता है। फिलहाल अवैध खनन के मामले में सबसे अहम मामला पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल का सामने आ चुका है। जिसके कई मामले अदालत में विचाराधीन है, जबकि सीबीआई तक गहराई से जांच कर रही। हरियाणा के खनन माफिया प्रशासनिक और पुलिसिया साठगांठ करके यूपी की सीमा में बेधड़क घुसकर अवैध खनन कर रहे हैं।
सपा नगर विधायक संजय गर्ग ने विधानसभा में अवैध खनन को लेकर जोर-शोर से मुद्दा उठाया। सरकार की खनन नीतियों को कठघरे में खड़ा करते हुए ये भी कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से राजस्व का तीन साल से खनन के मामले में घाटा हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि खेल ये हो रहा है कि नए खनन पट्टे तो अधिकांश को मिले नहीं हैं, वे पुराने पट्टे पर ही अवैध खनन कर रहे हैं। स्टोन क्रशर जमकर चल रहे हैं। सूत्र ये भी बताते हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष में एनजीटी की ओर से अवैध खनन को लेकर संज्ञान लिया गया और करोड़ों का जुर्माना लगाया गया, लेकिन इसमें कई स्टोन क्रशर मालिक और पट्टा मालिक अदालत चले गए और अदालत से स्थगन अदालत लेकर आए, पर इसी आड़ में दूसरे खनन कारोबारी जमकर खनन कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हरियाणा के खनन कारोबारी यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। नदियों के बीच सीमाओं का सही आकलन नहीं होने की वजह से जेसीबी सहित बड़े डंपर लेकर हरियाणा के खनन माफिया यमुना के रास्ते यूपी के दिल्ली रोड, बेहट रोड, चिलकाना सहित अन्य जगहों पर जमकर अवैध खनन कर उत्तरप्रदेश के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि प्रशासन-पुलिस का अमला-जमला होने के बावजूद बहुत सख्ती नहीं हो पा रही है। जिससे उत्तरप्रदेश सरकार के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। अहम बात ये है कि सरकार की नई खनन नीति 2017 से छूटे ठेके घाटे में होने के कारण छोड़-छोड़ कर भागने की वजह से प्रदेश में बालू मौरंग और मिट्टी के दाम आसमान छू रहे हैं।