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रेलवे फाटक पर दीवार बनाने को लेकर हंगामा

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रेलवे फाटक पर दीवार बनाने को लेकर हंगामा
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सरसावा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में रेलवे फाटक बंद कर वहां दीवार बनाने को विवाद गरमा गया। दीवार बनवाने पहुंची टीम का भाकियू कार्यकर्ता और ग्रामीणों ने विरोध कर दिया तथा काम रुकवा दिया। कहासुनी हुई और हंगामा हुआ। रेलवे अफसरों ने 21 सितंबर तक का समय दिया है। मामले में एक तरफ रेलवे अफसर दीवार बनाने पर अड़े हैं तो ग्रामीण विरोध में है, जिससे यह विवाद भविष्य में भी बढ़ सकता है।
शुक्रवार को रेलवे के एडिशनल डिविजनल इंजीनियर आदित्य सिंह काफी संख्या में रेलकर्मियों, जीआरपी एवं आरपीएफ के साथ सहारनपुर अंबाला मार्ग पर सरसावा क्षेत्र के गांव इब्राहिमी के पास फाटक संख्या 93-सी पर रेलवे की टीम दीवार का निर्माण कराने पहुंचे। इसी दौरान ग्रामीण इकट्ठा हो गए और विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें फाटक से आवागमन का बेहतर विकल्प नहीं मिलता तब तक फाटक बंद नहीं होने देंगे और यहां दीवार नहीं बनने देंगे। विरोध के चलते दीवार निर्माण रोक दिया गया। रेलवे के प्लान के तहत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही इस मानव रहित फाटक को बंद किया जाना है।
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18 गांवों को सीधे जोड़ता है यह रेलवे फाटक
- ग्रामीणों ने कहा कि यह फाटक उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र के 18 गांवों के लोग इसी जगह से आवागमन करते हैं। ग्राम बिन्नाखेड़ी के प्रधान राजीव कुमार ने कहा कि यह रास्ता छापुर, बिन्नाखेड़ी, गुनीमाजरा, सुवांखेड़ी, इब्राहिमी, मीरपुर सीतापुर कलरी शकरुल्लापुर चौरी मंडी चौरा कलां आदि करीब 18 गांवों को सरसावा से सीधे जोड़ता है। रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को सरसावा पहुंचने के लिए करीब 12 से 15 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ेगा। इसकी वर्तमान दूरी मात्र दो किलोमीटर है।
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ग्रामीण बोले, अंडरपास का विकल्प मंजूर नहीं
- ग्रामीणों ने कहा कि यमुना का तटवर्ती क्षेत्र होने के कारण अंडरपास में पानी भरा रहेगा। अन्य फाटकों पर पूर्व में बनाए गए अंडरपास इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। इसलिए अंडरपास का विकल्प उन्हें मंजूर नहीं है। रेलवे अधिकारियों तथा ग्रामीणों की जद्दोजहद के बाद अधिकारी पास के ही फाटक संख्या 94 सी पर बने अंडरपास का निरीक्षण करने गए, लेकिन उसमें पानी भरा हुआ था। इसके पश्चात अधिकारियों ने वापस आकर ग्रामीणों से वार्ता की।
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पत्थर डालकर अंडरपास को सुलभ करने का दिया आश्वासन
सहारनपुर। रेलवे की टीम ने ग्रामीणों से कहा कि फाटक संख्या 94 सी पर बने अंडरपास में पत्थरों का भराव कर आवागमन के लिए सुलभ कराया जाएगा। इसके बाद फाटक 93 सी को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने अब अगली तैयारी के लिए 21 सितंबर तक का समय दिया। प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन के सुरेश सैनी, सरदार हरि सिंह, उमेश शर्मा, राजीव प्रधान, भूप सिंह चौधरी रविंद्र, अजय चौधरी सहित काफी संख्या में अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
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