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कोरोना से दरोगा सहित दो की मौत, 87 नए संक्रमित मिले

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कोरोना से दरोगा सहित दो की मौत, 87 नए संक्रमित मिले
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सहारनपुर। जनपद में कोरोना से दरोगा सहित दो और लोगोें की मौत हो गई। इसके साथ ही सहारनपुर में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 84 पर पहुंच गया है। वहीं, शुक्रवार को 87 नए संक्रमित मिले। जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 6300 हो गई है।
शहर के एक थाने में तैनात करीब 57 वर्षीय दरोगा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया था। वहां बृहस्पतिवार देर रात उनका निधन हो गया। उनकी मौत से जहां परिवार में कोहराम है, वहीं पुलिसकर्मियों में भी कोरोना को लेकर भय की स्थिति है। दूसरी मौत रायवाला क्षेत्र की 56 साल की महिला की हुई। उन्होंने बृहस्पतिवार देर रात राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड केयर सेंटर में दम तोड़ा। उधर, शुक्रवार को 81 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनमें छुटमलपुर रोडवेज के पांच, कोलीमराज गंगोव के तीन, ताजपुर के दो, तल्हेड़ी के चार, नागल के चार, राधा विहार के तीन, आवास विकास के चार, पुलिस लाइन के दो, मंधोर के दो, माधोनगर के दो लोग शामिल हैं।
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इनके अलावा बसंत विहार, दिल्ली रोड, बेहट रोड, कपूरी, खुशहालीपुर, जनकनगर, जिला जेल, टपरी, प्रेमनगर, थाना बेहट, लतीफपुर, केशवनगर, छिंपिवाल देवबंद, इस्लामिया इंटर कॉलेज रोड, एसबीडी जिला अस्पताल, खलासी लाइन, हरेटी, ज्ञान गार्डन, घोघरेकी, सरसावा, बाबूराय गंगोह, टकान गंगोह, पीकी, नौरंगपुर, छजपुरा आदि के एक-एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनके अलावा शुक्रवार को कोविड केयर सेंटरों और आइसोलेशन से 135 लोगों की छुट्टी भी की गई।
कोविड सेंटर की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के प्रतिदिन निरीक्षण के बावजूद लोग गंभीर आरोप लगा रहे हैं। ताजा मामला रायवाला क्षेत्र निवासी महिला की मौत का है।
मृतका के भाई अरविंद ने बताया कि उनकी बहन दिल और शुगर की मरीज थी, जिसको सांस लेने में तकलीफ थी। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें यहां भर्ती किया गया था। आरोप है कि डॉक्टरों ने ठीक से इलाज नहीं किया। जब अच्छी सुविधा देने की मांग की गई तो डॉक्टरों ने उन्हें हड़काया और बोले कि तुम वेंटिलेटर और आईसीयू के बारे में जानते क्या हो। उनकी बहन की शुगर और दिल की दवाएं चलती थीं, मगर वहां भर्ती करते हुए दवाएं वापस कर दी गईं। दो दिन पहले उनकी बहन खुद अपने पैरों पर चलकर कोविड सेंटर पहुंची थी, दो दिन बाद अचानक उसे वेंटिलेटर पर रख दिया। कोई जानकारी तक नहीं दी गई। जब परिजनों ने रेफर करने की मांग की तो बताया गया कि हालत ज्यादा खराब है। कुछ देर बाद मौत की सूचना दे दी गई।
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लगातार लग रहे हैं आरोप
दो दिन पहले ही शामली की रहने वाली महिला की कोरोना संक्रमण के बाद मौत हुई तो उनके परिजनों ने महिला की अंगूठी और सोने की चेन गायब होने का आरोप लगाया था। शहर के एक व्यक्ति की मौत होने पर भी नगर विधायक ने व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। शहर के एक वरिष्ठ रंगकर्मी की मौत पर उनके परिजनों ने सवाल खड़े किए थे। लापरवाही का एक उदाहरण यह भी है कि कुछ दिन पहले कोविड के चिकित्सक ड्यूटी के समय अस्पताल छोड़कर घर पर मिले थे, जिन पर एफआईआर के निर्देश दिए गए थे।
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