फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धोखाधड़ी के मामले में हाजी इकबाल को मिला स्टे ऑर्डर

विज्ञापन
विज्ञापन
-- हाईकोर्ट में डाली गई याचिका, स्थगन आदेश मिला
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। धोखाधड़ी के मामले में हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला और उसके परिवार के लोगों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) मिल गया है। यह आदेश 24 सितंबर को जारी हुआ। इस मामले की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच ने बीते वर्ष चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि दो आरोपियों की कुर्की की तैयारी चल रही थी।
विज्ञापन

गांव गंदेवड़ निवासी विश्वास कुमार की तरफ से मार्च 2018 में सहारनपुर के जनकपुरी थाने में धोखाधड़ी, कूटरिचत दस्तावेज बनाने सहित अन्य आरोप में हाजी इकबाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना इन दिनों क्राइम ब्रांच कर रही है। क्राइम ब्रांच की विवेचना में हाजी इकबाल के बेटे जावेद और मोहम्मद अली को नाम प्रकाश में आने पर आरोपी बनाया गया था। इन दोनों के खिलाफ क्राइम ब्रांच कुर्की की तैयारी कर रही थी। उधर, गत 10 सितंबर को हाजी इकबाल की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें बताया कि केस के वादी विश्वास कुमार ने जो आरोप लगाए, वह निराधार हैं। क्योंकि वह मेसर्स यमुना एग्रो फर्म में पार्टनर की हैसियत से कार्य करते रहे और उनके ही हस्ताक्षर से बैंक में खाता खोला गया था। हस्ताक्षर का मिलान फोरेंसिक साइंस लैब से आई रिपोर्ट से हो चुका है। हाजी इकबाल पक्ष की तरफ से यह भी दलील दी गई कि इस केस में पूर्व विवेचक द्वारा एफआर (फाइनल रिपोर्ट) भी लगाई जा चुकी है और केस में 2018 में ही स्टे ऑर्डर मिल गया था। बावजूद इसके कई बार विवेचक बदल दिए गए और पुन: विवेचना शुरू करा दी गई। यह भी बताया गया कि विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) के यहां भी यह मामला विचाराधीन है। अब 24 सितंबर (बृहस्पतिवार) को याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी कर दिया है। अगली सुनवाई के लिए 10 अक्तूबर की तारीख लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें