जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी
- फोटो : अमर उजाला
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि ज्ञानवापी के सर्वे को लेकर आया कोर्ट का फैसला प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के खिलाफ है। यह कानून 18 सितंबर 1991 को सदन में पास हुआ था।