फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीएसटी की आहट से सुस्त पड़ गया बाजार

Mon, 19 Jun 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
लकड़ी पर नक्काशी करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सहारनपुर में एक जुलाई से लागू होने वाली गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की आहट के साथ ही बाजार में किल्लतों का दौर शुरू हो गया है।   जीवनरक्षक दवाओं से लेकर टैक्स के दायरे में आने वाली घरेलू चीजों की नई सीरीज बाजार में उपलब्ध नहीं हो रही है।
विज्ञापन


ऑटोमोबाइल से लेकर इलेक्ट्रानिक बाजार में सेल की भरमार है। यही कारण है कि कई प्रोडक्ट ऐसे हैं जो बाजार से गायब हो चुके हैं, मगर उसे दुकानदार अभी लाने से कतरा रहे हैं।

ऐसे ही दवाओं पर टैक्स स्लैब के असमंजस को लेकर बाजार में कई दवाओं की अनुपलब्धता है। कुल मिलाकर अब बाजार में जीएसटी का पूरा असर है और एक जुलाई से पहले दुकानदार कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन


 जीएसटी पर नए टैक्स स्लैब के चलते सस्ते होने वाले सामानों की सेल बाजार में लगी है। ऐसे ही मंहगे होने वाले सामानों की डिमांड भी तेजी से बढ़ने लगी है। दवाओं पर बनी भ्रम की स्थिति के चलते थोक बाजार में उपलब्धता के बावजूद फुटकर विक्रेताओं ने खरीद सीमित कर दी है।

ऐसा ही हाल कपड़ा उद्योग पर है, जीएसटी के दायरे में आने के चलते यहां भी बाजार ठंडा हो गया है। जीएसटी से वुडकार्विंग उद्योग जरूर राहत महसूस कर रहा है। कुल मिलाकर जीएसटी लागू होने से 15 दिन पहले से बाजार में किल्लत शुरू हो गई है।

कपड़ा बाजार पर असर, वुडकार्विंग को राहत ः होजरी कारोबार में अपनी मजबूत दखल रखने वाला सहारनपुर का कपड़ा बाजार भी शांत पड़ा है। कारण, टैक्स स्लैब में होने की वजह से कपड़ा मंहगा होने की संभावना है।  

सहारनपुर के व्यापारी विरोध जता चुके है। यह माना जा रहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा बाजार पर इसका असर पड़ सकता है। कपड़ा व्यापारी राधेश्याम नारंग का कहना है कि अब तक किसी भी सरकार ने कपड़े पर कोई टैक्स नहीं लगाया था।

मगर, जीएसटी के बाद व्यापार पर असर पड़ेगा। जीएसटी में वुडकार्विग उद्योग को राहत मिलेगी। कारण, कच्चा माल पर लगने वाला टैक्स एक साल में रिटर्न मिलता था। कारोबारी रामजी सुनेजा बताते हैं कि जीएसटी में एक सप्ताह में रिटर्न का प्रावधान है।

इन पर नहीं होगा जीएसटी का असर ः खुला मिलने वाला अनाज, गुड़, दूध, अंडे, दही, लस्सी, खुला पनीर अनब्रैंडेड (बिना ब्रैंड का) नेचुरल शहद, सब्जियां, अनब्रैंडेड आटा, अनब्रैंडेड मैदा, अनब्रैंडेड बेसन, प्रसाद, सामान्य नमक, गर्भनिरोधक, कच्चा जूट, कच्चा सिल्क।

जीएसटी को लेकर असमंजस के चलते भी बाजार में अफरातफरी का माहौल है। प्रोफेशनल, लीगल एडवाइजर और व्यापारियों को विभाग की ओर से सही जानकारी मुहैया नहीं हो पाने से लोग डरे हुए हैं। जीएसटी का शार्ट टर्म निगेटिव असर होगा, मगर, सहारनपुर जैसे शहरों को इसका लाभ होगा। यह बात समझने की है। - मुकेश गोयल, सीए

जीएसटी व्यापारियों के साथ आम जनता के लिए फायदेमंद है। हम व्यापारियों को इसके प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। सेल्स टैक्स विभाग की ओर से बाकायदा हेल्प डेस्क बनाया गया है। अनिल सिंह, डिप्टी कमिश्नर, सेल्स टैक्स
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें