राहत पैकेज देने के बजाय जेल भेजने की धमकी दे रही है सरकार : मलिक
बेहट। मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि सरकार की नीतियां मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सात महीने से विद्यालय बंद पड़े हैं। संचालक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से राहत पैकेज की मांग की तो सरकार उल्टे उन्हें जेल भेजने की धमकी दे रही है।
डॉ. मलिक बुधवार को बेहट में जनहित इंटर कॉलेज में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि यदि एक भी बच्चा संक्रमित हुआ तो संबंधित विद्यालय के प्रबंधक एवं प्रिंसिपल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जब सरकार मुखिया के खिलाफ संक्रमण को लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की बात कर रही है तो उनके विभाग का मुखिया एबीएसए है। यदि किसी भी प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य को संक्रमण होता है तो सरकार एबीएसए के खिलाफ भी कार्रवाई करें और यदि एबीएसए संक्रमित होते हैं तो बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के विरोध में दो नवंबर को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। धरना प्रदर्शन में ही यह तय किया जाएगा कि विद्यालय कब और किन परिस्थितियों में खोले जाएं। प्रदेश महामंत्री सुशील रोहिल्ला एवं जिला अध्यक्ष केपी सिंह ने कहा कि निजी स्कूल संचालक सरकार की हिटलरशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए वह निर्णायक आंदोलन के लिए तैयार हैं। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राज कुमार सैनी ने की। संचालन सतीश शर्मा ने किया। इसमें मुकेश कुमार, सुशील रोहिला प्रवीण गुप्ता, अब्दुल कादिर, शमशाद अली, आशीष सैनी, शहराज खान, अनीता रानी, अश्वनी सैनी, पवन राणा, प्रिंस शर्मा, सुमन गुप्ता, निशी कुमारी, साक्षी सैनी, सोबी रानी आदि रहीं।
्र