गूगल मैप ने एक बार फिर धोखा दे दिया। मेरठ का एक परिवार हरिद्वार से सहारनपुर आते समय रात में कई घंटे तक इधर-उधर जंगल में भटकता रहा। इसका कारण रहा कि वह गूगल मैप से रास्ता ट्रैस करते हुए सहारनपुर आ रहे थे। घंटों भटकने के बाद परिचितों से संपर्क कर सहारनपुर पहुंचे, तब जाकर परिवार ने राहत की सांस ली।
दरअसल, मेरठ के शास्त्री नगर निवासी विनोद कुमार बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी और बेटे के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश गए थे। वहां से उन्हें सहारनपुर किसी परिचित के यहां पर जाना था। हरिद्वार से चलने के बाद उन लोगों ने गूगल मैप से रास्ता ट्रैस करना शुरू कर दिया। भगवानपुर तक ठीक रहा।
इसके बाद गूगल मैप ने उन्हें एक संपर्क मार्ग पर सहारनपुर के लिए शाॅर्टकट दिखाया। रात करीब आठ बजे विनोद कुमार ने अपनी गाड़ी उसी रास्ते पर घुमा दी। करीब 10 किमी चलने के बाद रास्ते पर बरसाती नदी आ गई। नदी में पानी नहीं था, लेकिन पत्थरों की वजह से ऊबड़-खाबड़ था, जिससे कार को निकालना मुश्किल था। ऐसे में गूगल मैप ने पास से ही दूसरा रास्ता दिखाया।
इसी तरह रात करीब 11 बजे तक इधर-उधर भटकते रहे। आखिर में वह बिहारीगढ़ के पास हाईवे पर पहुंचे और अपने परिचित से संपर्क किया। तब परिचित ने रास्ता बताया और वह रात 12 बजे तक घर पहुंचे। बता दें, कि पिछले माह गूगल मैप के कारण बरेली में बड़ा हादसा भी हो गया था। जहां अधूरे पुल पर रास्ता दिखाया और कार सवार तीन दोस्त पुल से नीचे गिर गए।