अव्यवस्थित दिनचर्या और जीवन में बढ़ रहा तनाव अब युवाओं को भी गंभीर रोगों की गिरफ्त में ले रहा है। युवा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। बड़ी बात यह है कि यह रोग शहरी युवाओं के साथ ही गांव में रहने वालों को भी हो रहे हैं।
जिला अस्पताल में पूरे साल आए मरीजों के आंकड़ों के नजर दौड़ाएं तो यह चौंकाने वाला सच सामने आता है। इसमें अस्पताल में आने वाले 28 से 35 साल के 50 फीसदी लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारी से पीड़ित हैं। इन युवाओं में ज्यादा संख्या ग्रामीण इलाकों से आने वालों की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस साल अप्रैल से नवंबर में जटिल बीमारियों के 33,555 मरीज देखे गए। इनमें से 4224 रोगी मधुमेह, 3858 रोगी उच्च रक्तचाप और 1500 से ज्यादा मरीज सीवीडी और दिल से संबंधित बीमारियों के मिले। मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों में 50 फीसदी से ज्यादा रोगी 28 से 35 साल की उम्र के हैं।
इनमें कई तो ऐसे भी हैं जो मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों से पीड़ित हैं। इन आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ है कि युवा बड़ी संख्या में इन बीमारियों की जकड़ में आ रहे हैं। इन रोगियों में महिलाएं भी काफी संख्या में है। मधुमेह के मरीजों में 1748 और उच्च रक्तचाप के मरीजों में 1708 महिलाएं शामिल रही। निजी अस्पतालों में भी ऐसे मामले आ रहे हैं।
डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के लक्षण
ज्यादा भूख लगना।
ज्यादा प्यास लगना।
ज्यादा यूरिन आना।
सिर में दर्द, चिड़चिड़ा होना
अत्यधिक गुस्सा आना
थकावट होना
ऐसे करें बचाव
प्रतिदिन अनिवार्य रूप से व्यायाम करें।
चीनी का सेवन कम से कम करें।
चिकनाई और जंक फूड का कम सेवन करें।
तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। संतुलित आहार लें।
लक्षण मिलने पर समय से जांच कराएं
मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इनमें युवाओं की संख्या अधिक है। चिकित्सक से सलाह लेकर ही दवाइयों का सेवन करें। अपनी इच्छानुसार दवाइयों का रोकना या स्वयं की सलाह से लेना हानिकारक हो सकता है।
- डा. लोकेश चंद्र गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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दोनों बीमारियों का एक साथ होना ज्यादा खतरनाक
मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों का योग ज्यादा खतरनाक है। इसमें दिल की तकलीफ भी बढ़ सकती है। ऐसी अवस्था में दिल के रोगियों को बिना किसी लक्षण के तकलीफ ज्यादा बढ़ सकती है।
- डा. रंजना चौधरी, एपिडैमोलोजिस्ट, एनपीसीडीसीएस।