जिला पंचायत चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में दावेदारों ने मंगलवार को प्रशासन के दावों का खुलेेआम मखौल उड़ाकर शक्ति प्रदर्शन किया। आलम यह है कि ज्यादातर प्रत्याशी बाकायदा जुलूस निकालकर पूरे दमखम के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और गेट पर भी नारेबाजी की।
एक साथ कई प्रत्याशियों के काफिले से शहर में कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई। इतना ही नहीं, भाजपा समर्थित एक प्रत्याशी ने जारी प्रेसनोट में शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन का दावा किया है। उधर, प्रत्याशियों के शक्ति प्रदर्शन को प्रशासन अब आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई का दावा कर रहा है।
नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन मंगलवार को भाजपा समर्थित कई प्रत्याशियों ने अलग-अलग नामांकन किया और आचार संहिता की सड़कों पर धज्जियां उड़ाई। इसके अलावा सपा और बसपा समर्थित प्रत्याशियों ने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट तक पहुंचे थे। आलम यह रहा है कि भाजपा प्रत्याशियों के वाहनों के काफिले के चलते पूरा कलक्ट्रेट तिराहा ही जाम हो गया। इसके बाद गाड़ियां कलक्ट्रेट से पुलिस लाइन तक और डीआईजी कार्यालय तक वाहनों के खड़े होने से लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नामांकन क्षेत्र में मौजूद पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट ने इन प्रत्याशियों के जुलूस और काफिले को रोकने की भी जहमत नहीं उठाई। इसके अलावा कई प्रत्याशियों के समर्थक नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए। जिला मुख्यालय के बाहर भारी अव्यवस्था के चलते कई बार जाम तक की हालत बनी। शाम भाजपा प्रत्याशी की ओर से जारी प्रेसनोट में शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन की बात स्वीकारी। इतना ही नहीं, नामांकन से पहले सैकड़ों वाहनों के साथ गांवों में दौरे का भी दावा किया। उधर, इस मामले में हुई बड़ी लापरवाही के बाद डीएम ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। अधीनस्थों की जमकर क्लास लगाने के बाद आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
सपा और बसपा नहीं मान रही आचार संहिता
आचार संहिता उल्लंघन मामले में सपा और बसपा प्रत्याशी भी पीछे नहीं है। प्रशासन की लापरवाही के चलते अब तक चुनाव में आचार संहिता का पालन ही नहीं हो रहा है। यही कारण है कि नामांकन करने आ रहे प्रत्याशियों की ना तो वीडियोग्राफी कराई जा रही है और ना ही उन पर नजर रखी जा रही है।
जिन प्रत्याशियों को आचार संहिता का उल्लंघन किया है, उन्हें चिह्नित कराया जा रहा है। चुनाव आयोग की ओर से इन्हें नोटिस भी जारी किया जाएगा। किसी भी सूरत में आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इस पर लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पवन कुमार, जिलाधिकारी