सहारनपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों द्वारा सही जानकारी नहीं दिए जाने पर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल भड़क उठे। उन्होंने कई अधिकारियों को बैठक से बाहर भेज दिया और आधा घंटे में तैयारी कर बैठक में आने के निर्देश दिए।
नाराज मंडलायुक्त ने संयुक्त कृषि निदेशक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। चेतावनी दी कि बिना जानकारी के अधिकारी बैठक में आए तो कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में मंडलीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
उन्होंने मंडल में हो रहे विकास कार्यों की सही जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लिपिकों द्वारा तैयार रिपोर्ट को बिना पढ़े ही बैठक में आने का कोई औचित्य नहीं।
उन्होंने कई विभागों के अधिकारियों को बैठक से बाहर भेजा और आधा घंटे में पूरी जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए। उन्होंने संयुक्त निदेशक कृषि द्वारा अपने विभाग की योजनाओं की सही जानकारी न दिये जाने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के आदेश दिए।
उन्होंने उपश्रमायुक्त को श्रमिकों के पंजीकरण कराने और योजनाएं की जानकारी मजदूरों को दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत गांव और स्कूलों में जाएं और वहां मुनादी कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे लाभान्वित हो सकें।
मंडलायुक्त को सीडीओ दीपक मीणा ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुन्हेटी खड़खड़ी का निरीक्षण किया गया है, जहां पर 20 दिन से दवाई वितरण का अंकन रजिस्टर में नहीं किया गया। वहां की व्यवस्था भी खराब मिली।
मंडलायुक्त ने अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं सीएमओ को निर्देशित दिए कि पीएचसी का निरीक्षण करें और निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य अभियंता विद्युत को आदेश दिए कि लाइनों के खंभों की जो शिकायतें आ रही है, उन्हें दूर करने के लिए डीएम, सीडीओ तथा एसडीएम से सहायता लें।
उन्होंने कहा कि ईई, एई, जेई कार्य नहीं कर रहे हैं। उन पर गंभीरता के साथ कार्रवाई की जाये। 30 जून तक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। अधीक्षण अभियंता लोनिवि द्वारा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत न करने भी नाराजगी जताई।
बैठक में मंडलायुक्त ने अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की। डीएम पवन कुमार, दिनेश कुमार, सुजीत कुमार सहित मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।