सहारनपुर/गंगोह। गंगोह को तहसील बनाने की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों में हर्ष की लहर है। लोगों का कहना है कि गंगोह के तहसील बनने के बाद जहां सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी, वहीं लोगों को भी तहसील संबंधी कार्यों के लिए लंबी भागदौड़ से निजात मिलेगी। इससे उनके धन और समय दोनों की बचत होगी।
गंगोह ब्लॉक के अधिकांश गांवों के ग्रामीणों को अपने तहसील संबंधी छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबी दूरी तय करके नकुड़ तहसील जाना पड़ता है। ब्लॉक के गांव कुंडाकलां से नकुड़ तहसील लगभग 35 किलोमीटर जबकि तीतरों व भाबसा-बेरखेड़ी से करीब 40 किलोमीटर है। लोग एक दशक से गंगोह को तहसील बनाने की मांग कर रहे हैं।
विधायक कीरत सिंह ने बताया कि गंगोह तहसील में गंगोह ब्लाक के साथ ही गाइड लाइन के अनुसार आंशिक रूप से नकुड़ एवं नानौता के गंगोह के नजदीक पड़ने वाले कुछ गांवों को भी शामिल किया जा सकता है। गंगोह के तहसील बनने के बाद एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी यहीं रहेंगे और त्वरित रूप से लोगों की समस्याओं का समाधान हो पाएगा।
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तहसील के लिए चाहिए चार कानूनगो सर्किल
जानकारों का कहना है कि तहसील के लिए सबसे बड़ा मानक चार कानूनगो सर्किल का होना है। जबकि गंगोह में वर्तमान में दो ही कानूनगो सर्किल गंगोह और अंबेहटा हैं। इसके चलते गंगोह को तहसील बनाने का पूरा मामला यहीं आकर अटक जाता है।
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तहसील बनने से बढ़ेंगे रोजगार के साधन
एडवोकेट ईलमचंद सैनी का कहना है कि गंगोह के तहसील बनने के बाद दर्जा बढ़ने से यहां तहसील स्तर की सुविधाएं मिलने लगेंगी। लोगों का आना-जाना बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। नागरिकों को दूर भी नहीं जाना पड़ेगा, इससे समय और धन की बचत होगी।
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पीड़ित की जल्द होगी सुनवाई
सामाजिक कार्यकर्ता बलबीर सिंह तोमर ने कहा कि गंगोह को तहसील का दर्जा मिलने से राजस्व प्रशासन चुस्त होगा। एरिया छोटा होगा तो राजस्व कर्मियों को भी कार्य करने में आसानी होगी। पीड़ित की जल्द सुनवाई हो सकेगी। रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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ट्रेजरी बनने से मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष प्रदीप तायल ने कहा कि गंगोह को तहसील बनाने से लोगों को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय मिलेगा। वहीं ट्रेजरी बनने से व्यापारियों की समस्याएं भी कम होंगी।
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लोगों को मिल सकेगा सुलभ न्याय
श्री बालाजी धाम के महंत सुशील शर्मा ने कहा कि गंगोह विधानसभा में कोई तहसील नहीं है। भौगोलिक एवं सामाजिक स्थिति और आबादी के लिहाज से भी जनहित में गंगोह को तहसील का दर्जा दिया जाना आवश्यक है, तभी लोगों को सुलभ न्याय मिल पाएगा।
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196 राजस्व गांवों को शामिल कर बनेगी नई तहसील
सहारनपुर। नकुड़ तहसील में वर्तमान में 419 राजस्व गांव है। जिनका क्षेत्रफल 84115 हेक्टेयर है। नकुड़ तहसील में से ही राजस्व निरीक्षक क्षेत्र गंगोह, दूधला, अंबेहटा, तीतरों, जांडखेड़ा, शेरमऊ के अंतर्गत पड़ने वाले 196 राजस्व गांवों को शामिल करके नई तहसील गंगोह बनाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित गंगोह तहसील में 54 लेखपाल क्षेत्र शामिल रहेंगे। इसके साथ ही नौ पूर्ण और तीन आंशिक संग्रह अमीन क्षेत्र शामिल हैं। गंगोह तहसील का क्षेत्रफल 45239 हेक्टेयर रहेगा।
- गंगोह तहसील में थाना गंगोह और तीतरों पूर्ण रूप से और थाना नकुड़, थाना रामपुर मनिहारान आंशिक रुप से आएंगे।
- प्रस्तावित गंगोह तहसील का मुख्यालय गंगोह ही रहेगा, जो जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर है।
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गंगोह के ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व का भी उल्लेख
सहारनपुर। प्रशासन द्वारा तैयार की जा रही आख्या में गंगोह के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का भी वर्णन किया गया है। बताया गया कि गंगोह में मामू मौलाबख्श का मजार एवं संत बाबा हरिदास की कुटिया है, जिन पर वार्षिक मेले लगते है। इसके अतिरिक्त पवित्र कंकराली सरोवर एवं भगवती सिद्ध पीठ है। भगवती सिद्ध पीठ पर भी प्रतिवर्ष मेला लगता है।
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- जिलाधिकारी के आदेश पर नई प्रस्तावित गंगोह तहसील के लिए राजस्व ग्रामों समेत सभी बिंदुओं को शामिल कर आख्या रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। मंडलायुक्त के माध्यम से नई तहसील की आख्या रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - अजय अम्बष्ट, एसडीएम, नकुड़
गंगोह विधानसभा क्षेत्र का प्रस्तावित नक्शा- फोटो : SAHARANPUR
विधायक कीरत सिंह- फोटो : SAHARANPUR
बलबीर तोमर- फोटो : SAHARANPUR
इलमचंद सैनी- फोटो : SAHARANPUR
प्रदीप तायल- फोटो : SAHARANPUR